UP News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक परिवार की भैंस तालाब में उतर गई, जिसे बाहर निकालने की कोशिश में पहले बेटा गहरे पानी में फंस गया। बेटे को डूबता देख उसकी मां भी बिना अपनी जान की परवाह किए तालाब में कूद गई। लेकिन गहरे पानी ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। गांव के लोगों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बेटे को बचाने के लिए मां ने लगाई छलांग, छोटा भाई भी पहुंचा पानी में
जानकारी के अनुसार, अमेठी कोतवाली क्षेत्र के नुवावा गांव निवासी 40 वर्षीय गीता विश्वकर्मा अपने बड़े बेटे दीपक के साथ भैंस चराने गई थीं। इसी दौरान भैंस तालाब में उतर गई और धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ने लगी। उसे बाहर निकालने के लिए 19 वर्षीय दीपक भी तालाब में उतर गया, लेकिन वह खुद गहराई में पहुंचकर डूबने लगा। बेटे को संकट में देखकर मां गीता ने तुरंत तालाब में छलांग लगा दी। हालांकि उन्हें तैरना नहीं आता था और वह भी गहरे पानी में फंस गईं। इस बीच परिवार का सबसे छोटा बेटा आदर्श भी दोनों को बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा, लेकिन गांव वालों ने समय रहते उसे बाहर निकाल लिया। इस तरह आदर्श की जान तो बच गई, लेकिन उसकी मां और बड़े भाई को नहीं बचाया जा सका।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों को किया मृत घोषित
गांव के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद मां और बेटे को तालाब से बाहर निकाला और तुरंत अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों की मौत पानी में डूबने के कारण हुई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस घटना के बाद अस्पताल और गांव दोनों जगह लोगों की भीड़ जुट गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक दीपक परिवार का बड़ा बेटा था, जबकि दूसरा बेटा पंकज रोजगार के लिए अहमदाबाद में काम करता है। सबसे छोटा बेटा आदर्श इस हादसे में बाल-बाल बच गया, लेकिन उसने अपनी मां और भाई को हमेशा के लिए खो दिया। परिवार में एक बेटी भी है। घटना की खबर मिलते ही रिश्तेदार और गांव के लोग घर पहुंचने लगे, जहां हर तरफ मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब काफी गहरा है और पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे तालाबों के आसपास सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
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