उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो उम्र, बीमारी या शारीरिक परेशानी के कारण राशन की दुकान तक नहीं पहुंच पाते हैं। सरकार ने तय किया है कि अकेले रहने वाले बुजुर्ग, दिव्यांग, असहाय और निराश्रित लोगों को अब राशन लेने के लिए कोटे की दुकान पर नहीं जाना पड़ेगा। ऐसे पात्र लोगों तक राशन उनके घर पर पहुंचाया जाएगा। सरकार का मानना है कि कई जरूरतमंद लोग सिर्फ इसलिए राशन नहीं ले पाते क्योंकि उनके लिए दुकान तक पहुंचना मुश्किल होता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे लोगों को राहत देना और उन्हें योजनाओं का पूरा लाभ दिलाना है।
पात्र लोगों को चिन्हित करने के दिए गए निर्देश
खाद्य एवं रसद विभाग ने अधिकारियों को ऐसे लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं जो वास्तव में राशन लेने के लिए घर से बाहर जाने में सक्षम नहीं हैं। सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सिर्फ शारीरिक असमर्थता की वजह से सरकारी योजना से वंचित न रह जाए। विभाग का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सर्वे और सत्यापन के जरिए ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद उन्हें घर पर ही राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस काम में किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या संबंधित कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
लाखों नए लोगों को भी योजना से जोड़ने की तैयारी
सरकार आने वाले समय में राशन योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत बड़ी संख्या में नए पात्र लोगों को मुफ्त खाद्यान्न योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन लोगों का नाम किसी कारणवश सूची से हट गया है, उनकी पात्रता की जांच कर दोबारा योजना में शामिल किया जाए। सरकार का कहना है कि कई बार जानकारी के अभाव या स्थानीय स्तर की समस्याओं के कारण पात्र लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा ताकि हर जरूरतमंद तक सरकारी सहायता पहुंच सके। इस अभियान के जरिए लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राशन वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर
राशन वितरण को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने कुछ और कदम भी उठाए हैं। अब राशन की दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचते ही लाभार्थियों को मोबाइल संदेश के जरिए जानकारी दी जाएगी। इससे लोगों को बार-बार दुकान के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा राशन लेने आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दुकानों पर बैठने की व्यवस्था करने और पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सिर्फ राशन बांटना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना भी है। नई पहल से खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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