पटना के करबिगहिया इलाके में चर्चित बंटी यादव हत्याकांड को लेकर माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। बंटी यादव की हत्या के बाद उनके परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। गुरुवार सुबह परिवार के सदस्य अपने घर के पास ही अनशन पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। परिजनों का आरोप है कि बंटी की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई और मामले के पीछे गंभीर कारण छिपे हुए हैं। इस घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट रही है और परिवार को कई सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है।
अपहरण के बाद मिली थी लाश
जानकारी के अनुसार, बंटी यादव का 6 जुलाई को पटना के करबिगहिया इलाके से कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद कई दिनों तक उसका कोई पता नहीं चला। बाद में उसकी लाश बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन के किनारे मिलने से सनसनी फैल गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परिवार का आरोप है कि बंटी कुछ गलत गतिविधियों का विरोध कर रहा था, जिसके कारण उसे निशाना बनाया गया। वहीं पुलिस की जांच में कुछ अन्य पहलू भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस किसी एक वजह को अंतिम कारण मानने से बच रही है और हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, लेकिन बाकी आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब मुख्य आरोपी रवीश को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ जैसी स्थिति बनी, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इससे पहले भी पुलिस तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि मामले में कुछ आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के लिए जांच लगातार जारी है।
बड़े नेताओं के पहुंचने की तैयारी
बंटी यादव हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक चर्चा का विषय भी बनता जा रहा है। परिवार के अनशन को समर्थन देने के लिए कई राजनीतिक और सामाजिक नेताओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। करबिगहिया क्षेत्र में चल रहे राजनीतिक माहौल के बीच यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब सभी की नजर जांच और अदालत की आगे की प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
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