मुंबई के घाटकोपर पूर्व इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। शिवसेना (शिंदे गुट) से जुड़े दो नेताओं के बीच हुई तीखी बहस अचानक मारपीट में बदल गई। यह पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 125 के नगरसेवक और विभाग प्रमुख सुरेश आवले तथा विधानसभा प्रमुख यशवंत मोरे के बीच यह विवाद हुआ। घटना सुरेश आवले के कार्यालय के पास की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पहले हुई कहासुनी, फिर एक-दूसरे पर उठे हाथ
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों नेता पहले किसी मुद्दे पर आपस में बहस कर रहे थे। कुछ ही देर में माहौल इतना गर्म हो गया कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ समय से मतभेद चल रहे थे। हालांकि झगड़े की असली वजह को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कुछ संगठनात्मक नियुक्तियों और जिम्मेदारियों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव था। इसी तनाव ने आखिरकार सार्वजनिक विवाद का रूप ले लिया। वीडियो में दोनों नेताओं को एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की करते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की।
लोगों ने संभाला मोर्चा, बड़ा विवाद टला
जब दोनों नेताओं के बीच विवाद बढ़ने लगा तो आसपास मौजूद कार्यकर्ता और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। यदि समय रहते लोगों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो मामला और गंभीर हो सकता था। वीडियो में कई लोग दोनों नेताओं को शांत कराने और उन्हें वहां से हटाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद कुछ समय तक इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भी इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक स्थान पर नेताओं के इस तरह के व्यवहार से पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है।
पुलिस को जानकारी, लेकिन शिकायत का इंतजार
घटना की जानकारी मिलने के बाद पंत नगर पुलिस ने मामले पर नजर रखी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें घटना की सूचना मिल चुकी है और वायरल वीडियो की भी जानकारी है। हालांकि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई शिकायत मिलती है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की असली वजह सामने नहीं आई है और दोनों नेताओं की ओर से भी कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। इस घटना ने शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर चल रहे संभावित मतभेदों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या दोनों नेताओं के बीच विवाद को सुलझाया जा सकेगा।
