MP News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। एक परिवार ने कुछ ही घंटों के भीतर अपने दो मासूम बच्चों को खो दिया। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे रात में अपनी मां के साथ सो रहे थे। परिवार के बाकी सदस्य भी घर में मौजूद थे और सब कुछ सामान्य था। लेकिन देर रात अचानक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। जब बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो परिजन घबरा गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की। हालांकि लाख कोशिशों के बावजूद दोनों बच्चों की जान नहीं बच सकी। इस हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
रात के सन्नाटे में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, रात करीब तीन बजे बच्चों के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य जाग गए। जब कमरे की लाइट जलाई गई तो परिवार के लोगों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। बच्चों की हालत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। परिजन पूरी रात बच्चों को बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ते रहे। रास्ते भर परिवार के लोग डॉक्टरों और भगवान से बच्चों की जिंदगी बचाने की उम्मीद करते रहे। लेकिन हालात तेजी से बिगड़ते गए और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
अस्पताल में भी नहीं बच सकी मासूमों की जान
परिजनों ने बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। एक बच्ची ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे बच्चे को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किया गया। वहां भी डॉक्टरों की टीम ने लगातार इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। कुछ घंटों बाद दूसरे बच्चे ने भी अंतिम सांस ले ली। दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव के लोग इस दुखद घटना से भावुक हो उठे।
एक साथ उठीं भाई-बहन की अर्थियां
मंगलवार को गांव में बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। एक ही घर से भाई और बहन की अर्थियां एक साथ निकलीं। यह दृश्य देखकर गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। लोगों का कहना था कि उन्होंने इससे पहले इतना दर्दनाक मंजर शायद ही कभी देखा हो। गांव में हर तरफ सिर्फ इसी हादसे की चर्चा रही। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सावधानी बरतने और बरसात के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं से बचाव के उपाय अपनाने की याद दिलाई है। फिलहाल पूरा गांव इस दुखद घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन परिवार के लिए यह दर्द शायद जिंदगी भर नहीं मिट पाएगा।
