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17 दिन से अन्न का एक दाना नहीं! सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत ने बढ़ाई चिंता, नेताओं की अपील के बाद क्या खत्म होगा अनशन?

सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर अनशन 17वें दिन में पहुंच गया है। वजन घटने और स्वास्थ्य बिगड़ने की खबरों के बीच कई नेताओं ने समर्थन के साथ अनशन समाप्त करने की अपील की है। जानिए पूरा मामला।

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी सेहत को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि अनशन के चलते उनके शरीर पर असर साफ दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि उनका वजन काफी कम हो गया है और शारीरिक कमजोरी भी बढ़ रही है। इसके बावजूद सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक संबंधित पक्ष बातचीत के लिए आगे नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच उनके समर्थक और कई सामाजिक संगठन लगातार उनके साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

आंदोलन से जुड़े लोगों ने बताया कि लगातार उपवास के कारण सोनम वांगचुक की शारीरिक स्थिति पहले की तुलना में कमजोर हुई है। उनके वजन में कमी दर्ज की गई है और शरीर में दर्द तथा थकान की शिकायत भी सामने आई है। उनके साथ मौजूद सहयोगियों ने कई बार उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों को लेकर दृढ़ रहने की बात कही। वांगचुक का मानना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि एक बड़े मुद्दे को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता संवाद और समाधान है, इसलिए संबंधित पक्षों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लंबे समय तक भूख हड़ताल के प्रभावों को लेकर चिंता जता रहे हैं।

नेताओं ने किया समर्थन, अनशन खत्म करने की भी अपील

सोनम वांगचुक के आंदोलन को कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। विभिन्न दलों के नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाई है। हालांकि, समर्थन देने के साथ-साथ कई नेताओं ने वांगचुक से अपनी सेहत का ध्यान रखने और अनशन समाप्त करने की अपील भी की है। उनका कहना है कि किसी भी आंदोलन की सफलता के लिए नेतृत्व का स्वस्थ रहना जरूरी है। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि आंदोलन के जरिए उठाए गए मुद्दों ने देशभर के युवाओं और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, इसलिए अब संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए। इस बीच सोशल मीडिया पर भी इस आंदोलन को लेकर लगातार चर्चा जारी है।

आगे क्या होगा, इस पर टिकी हैं सबकी निगाहें

जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में क्या कोई बातचीत शुरू होगी या फिर आंदोलन और लंबा चलेगा। समर्थकों का कहना है कि उनकी मांगें जनहित से जुड़ी हैं और उन्हें गंभीरता से सुना जाना चाहिए। दूसरी ओर, वांगचुक की सेहत को लेकर बढ़ती चिंता भी एक बड़ा मुद्दा बन गई है। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है तो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और बढ़ सकते हैं। फिलहाल आंदोलन जारी है और देशभर के लोग इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में सरकार, आंदोलनकारियों और समर्थकों के बीच होने वाली बातचीत इस मामले की दिशा तय कर सकती है।

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