उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। भांवरकोल थाना क्षेत्र के गोडी खास गांव में चार वर्षीय सिद्धार्थ मौर्य के लापता होने के बाद परिवार और ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में लगे हुए थे। बताया जा रहा है कि 6 जुलाई को बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन कई दिनों तक कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच 10 जुलाई की सुबह गांव के पास एक खेत में बच्चे का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मासूम की मौत की खबर सुनकर परिवार और गांव के लोग स्तब्ध रह गए।
जांच के दौरान परिवार के एक सदस्य पर गया शक
शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मामला और भी उलझता नजर आया। पुलिस को पता चला कि घटना के बाद से बच्चे की दादी कबूतरी देवी भी घर पर मौजूद नहीं थीं। यही बात जांच टीम के लिए संदेह का कारण बनी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं। पुलिस का दावा है कि परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे विवाद ने इस दर्दनाक घटना को जन्म दिया। जांच में यह भी सामने आया कि घर के सदस्यों के बीच पैसों और जेवर को लेकर काफी समय से तनाव चल रहा था, जिसके कारण रिश्तों में कड़वाहट बढ़ती जा रही थी।
₹50 हजार के विवाद ने लिया खौफनाक मोड़
पुलिस जांच के अनुसार, परिवार में पहले हुई एक पंचायत के दौरान बहू को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। हालांकि इस फैसले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इसी मुद्दे को लेकर सास और बहू के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी नाराजगी और रंजिश के चलते आरोपी महिला ने अपने ही पोते को निशाना बनाने की योजना बनाई। जांच अधिकारियों के मुताबिक, घटना वाले दिन बच्चे को बहाने से अपने पास बुलाया गया और उसे घर के पास एक सुनसान जगह पर ले जाया गया। वहीं उसकी हत्या कर शव को झाड़ियों में छिपा दिया गया, ताकि किसी को लंबे समय तक इसकी जानकारी न मिल सके। इस खुलासे के बाद गांव के लोग भी हैरान हैं कि एक पारिवारिक विवाद इतना भयावह रूप ले सकता है।
गिरफ्तारी के बाद आगे बढ़ी कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूत और अन्य वैज्ञानिक जांच के आधार पर केस को मजबूत किया जा रहा है। वहीं इस घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक मासूम की जान जाना बेहद दुखद है और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि रिश्तों में बढ़ती कटुता और पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों की भी एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।
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