बिहार की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम सोमवार को उस समय सामने आया, जब मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह गोपालगंज की एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंचे। दोनों ने अदालत के समक्ष सरेंडर किया और अपने खिलाफ दर्ज मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना किया। उनके कोर्ट पहुंचने की खबर मिलते ही परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और कोर्ट परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी गई। इस दौरान दोनों के समर्थकों और स्थानीय लोगों की भी काफी हलचल देखने को मिली। मामला पहले से चर्चा में था, इसलिए कोर्ट की कार्यवाही पर सभी की नजर बनी हुई थी।
कार्यक्रम के वीडियो से शुरू हुआ पूरा विवाद
यह मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। मई 2026 में हुए इस कार्यक्रम में विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो को लेकर आरोप लगाए गए कि मंच पर चल रहे कार्यक्रम के दौरान कुछ आपत्तिजनक गतिविधियां हुईं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मीरगंज थाने में केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान कई लोगों के नाम सामने आए, जिनमें अनंत सिंह और गुंजन सिंह भी शामिल थे। इसके बाद दोनों को अदालत में पेश होने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
अदालत में दोनों पक्षों ने रखी अपनी बात
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किलों को गलत तरीके से मामले में शामिल किया गया है। उनका कहना था कि दर्ज किया गया केस तथ्यों पर आधारित नहीं है और दोनों को फंसाने की कोशिश की गई है। वहीं अभियोजन पक्ष ने पुलिस की जांच और चार्जशीट का हवाला देते हुए अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले पर विचार किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।
कोर्ट से मिली राहत, जमानत मंजूर
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अनंत सिंह और गुंजन सिंह की स्थायी जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत के फैसले के बाद दोनों को बड़ी राहत मिली। सुनवाई के बाद बाहर निकलते समय अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अदालत ने निष्पक्ष तरीके से फैसला लिया है। दूसरी ओर, इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा जारी है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद दोनों को राहत जरूर मिली है, लेकिन यह मामला अभी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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