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आगरा कैंट स्टेशन पर आखिर ऐसा क्या हुआ कि डिप्टी एसएस को सबके सामने घसीटा? वीडियो वायरल होते ही 5 RPF कर्मी निलंबित

आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन अधीक्षक और आरपीएफ कर्मियों के बीच विवाद का मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो के बाद 5 आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है। जानिए पूरा मामला।

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Agra Cantt Railway Station News: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई एक घटना ने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को सवालों के घेरे में ला दिया है। स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कुछ कर्मियों के बीच हुए विवाद का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि बहस के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि डिप्टी एसएस के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उन्हें हाथ-पैर पकड़कर घसीटने तक की बात सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

महिला यात्री की मदद को लेकर शुरू हुआ विवाद

डिप्टी स्टेशन अधीक्षक का कहना है कि पूरा विवाद एक महिला यात्री की सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ। उनके अनुसार, हीराकुंड एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री घायल हो गई थी। महिला की स्थिति को देखते हुए उन्होंने ट्रेन को कुछ समय के लिए रुकवाने का निर्णय लिया ताकि उसे आवश्यक सहायता मिल सके। इसी दौरान उनकी नजर एक RPF कर्मी पर पड़ी, जिस पर महिला यात्री से कथित रूप से अवैध वसूली करने का आरोप लगाया गया है। डिप्टी एसएस का दावा है कि जब उन्होंने इस कथित गतिविधि का विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस ने गंभीर रूप ले लिया और कई अन्य RPF कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद डिप्टी एसएस को घेर लिया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

वायरल वीडियो के बाद हरकत में आया रेलवे प्रशासन

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आए हैं। इन वीडियो में स्टेशन परिसर के भीतर हंगामे जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। वीडियो के वायरल होने के बाद मामला रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि वीडियो और आरोपों की सच्चाई की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी कर्मचारी को बिना जांच के दोषी नहीं ठहराया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, डिप्टी एसएस ने दावा किया है कि उन्होंने केवल अपनी ड्यूटी का पालन किया था और महिला यात्री की सुरक्षा को प्राथमिकता दी थी। उनका आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ कई कर्मचारियों ने मिलकर मारपीट की। इस पूरे मामले ने रेलवे कर्मचारियों के बीच अनुशासन और कार्यस्थल पर व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

पांच RPF कर्मियों पर कार्रवाई, जांच समिति गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए हैं। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पांच RPF कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी, दो सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और दो कांस्टेबल शामिल हैं। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में आगरा कैंट स्टेशन और रेलवे प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल रेलवे प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना के दौरान किसकी भूमिका कितनी रही। इस मामले ने रेलवे स्टेशनों पर कर्मचारियों के बीच समन्वय और जवाबदेही को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।

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