पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच में ऐसा दावा सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, हत्या की आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने करीब चार महीने पहले ही गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। बताया जा रहा है कि यह शादी उस समय हुई, जब सिया की केतन अग्रवाल से सगाई हो चुकी थी और दोनों परिवार नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियों में जुटे थे। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से मिली व्हाट्सऐप चैट और दूसरे डिजिटल सबूतों के आधार पर इस एंगल की जांच मिल रही है। अब इस कथित सीक्रेट मैरिज की सच्चाई पता लगाने के लिए जांच और तेज कर दी गई है।
कॉलेज के दोस्तों से पूछताछ
जांच एजेंसियां अब उन लोगों से भी पूछताछ कर रही हैं, जो कथित तौर पर इस गुप्त शादी के गवाह थे। जानकारी के मुताबिक, सिया के कॉलेज के दो दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। दावा है कि उन्होंने शादी के दस्तावेजों पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे। इसके अलावा पुलिस की तकनीकी टीम आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही है। इंस्टाग्राम से हटाई गई तस्वीरों को दोबारा हासिल करने की कोशिश की जा रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन तस्वीरों में सिया और चेतन एक-दूसरे को वरमाला पहनाते नजर आ सकते हैं। साथ ही बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं शादी की प्रक्रिया को गोपनीय रखने के लिए किसी बिचौलिए को पैसे तो नहीं दिए गए थे।
शादी की तैयारी में जुटा था परिवार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन अग्रवाल का परिवार नवंबर में उदयपुर में होने वाली शादी की तैयारियों में पूरी तरह लगा हुआ था। मेहमानों की सूची तैयार की जा रही थी और यात्रा की व्यवस्था के लिए आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज मांगे जा रहे थे। इसी दौरान सिया ने अपनी एक दोस्त से आधार कार्ड की कॉपी भेजने को कहा था। लेकिन स्नैपचैट पर भेजे गए एक संदेश में उसने यह भी लिखा था कि “वैसे भी यह शादी नहीं होने वाली।” यह संदेश मई महीने का बताया जा रहा है, यानी कथित हत्या से कुछ सप्ताह पहले का। पुलिस का मानना है कि यह चैट मामले की जांच में अहम सबूत बन सकती है और इससे आरोपियों की मंशा का पता चल सकता है।
16 जुलाई को कोर्ट में पेश होंगे आरोपी
सिया गोयल और चेतन चौधरी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज रखा है। अब 16 जुलाई को उन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस इस दौरान व्हाट्सऐप चैट, सोशल मीडिया डेटा, बैंक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूत अदालत के सामने रख सकती है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अभी कई पहलुओं की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। इस केस में हर नए खुलासे के साथ रहस्य और गहराता जा रहा है।
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