FIFA World Cup 2026 में पुर्तगाल का सफर प्री-क्वार्टर फाइनल में ही थम गया। स्पेन ने बेहद रोमांचक मुकाबले में इंजरी टाइम में गोल कर 1-0 से जीत दर्ज की और क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस हार के साथ फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में गिने जाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) का विश्व कप का सफर भी समाप्त हो गया। अंतिम सीटी बजते ही स्पेन की टीम जीत का जश्न मनाने लगी, जबकि रोनाल्डो कुछ देर तक मैदान पर शांत खड़े रहे। उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी और बाद में उन्होंने दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया। यह पल उनके प्रशंसकों के लिए भी काफी भावुक रहा, क्योंकि सभी जानते थे कि यह विश्व कप उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट माना जा रहा था।
मौके मिले, लेकिन गोल नहीं कर सके रोनाल्डो
पूरे मुकाबले के दौरान क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) ने टीम को बढ़त दिलाने की पूरी कोशिश की। पहले हाफ में उन्हें एक बेहतरीन मौका मिला, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार बचाव कर गोल होने से रोक दिया। इसके बाद दूसरे हाफ में भी एक मौका उनके सामने आया, जब गेंद उनके पास पहुंची, लेकिन उनकी बैक-हील कोशिश भी गोलकीपर ने आसानी से रोक ली। इस तरह रोनाल्डो अपने आखिरी विश्व कप मैच में गोल करने से चूक गए। दूसरी ओर पुर्तगाल की रक्षा पंक्ति ने पूरे मैच में मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन इंजरी टाइम में मिली एक छोटी सी चूक टीम पर भारी पड़ गई और स्पेन ने निर्णायक गोल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
संन्यास पर बयान ने बढ़ाई नई चर्चा
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) ने कहा था कि वह अभी अपने भविष्य को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लेना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने खेल का आनंद ले रहे हैं और फिलहाल संन्यास लेने की कोई योजना नहीं है। हार के बाद भी उन्होंने साफ किया कि फुटबॉल के प्रति उनका जुनून अभी खत्म नहीं हुआ है। इसी बयान के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि रोनाल्डो आने वाले समय में पुर्तगाल के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट या क्लब फुटबॉल में खेलते नजर आ सकते हैं। हालांकि विश्व कप ट्रॉफी जीतने का उनका सपना एक बार फिर अधूरा रह गया, लेकिन उनके करियर की उपलब्धियां आज भी उन्हें दुनिया के सबसे महान फुटबॉलरों में शामिल करती हैं।
विश्व कप का सपना अधूरा
क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) ने अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्हें तोड़ना आसान नहीं होगा। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड दर्ज है और विश्व कप में भी उन्होंने कई यादगार प्रदर्शन किए। साल 2006 में पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही थी। इस बार भी टीम ने मजबूत खेल दिखाया और लगातार कई मुकाबलों में विरोधी टीम को गोल नहीं करने दिया, लेकिन नॉकआउट मुकाबले के आखिरी पलों में मिली हार ने पूरे अभियान का अंत कर दिया। विश्व कप ट्रॉफी भले ही रोनाल्डो के हाथ नहीं लग सकी, लेकिन फुटबॉल के मैदान पर उनका योगदान, संघर्ष और रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे।
Read More-आरोपों के साये में चंपत राय की विदाई; 28 साल की सेवा के बाद अयोध्या में एक अध्याय का अंत
