Unnao BJP Leader Murder: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। औरास थाना क्षेत्र के चमारन खेड़ा गांव में BJP के अनुसूचित जाति मोर्चा के औरास मंडल अध्यक्ष प्रमोद की कथित तौर पर उनके ही बेटे ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब प्रमोद रोज की तरह गांव में बने मंदिर में दीपक जलाने पहुंचे थे। इसी दौरान पीछे से आए उनके बेटे सोनेलाल ने उन पर अचानक हमला कर दिया। वार इतना तेज था कि प्रमोद को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव को माना जा रहा अहम कारण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोनेलाल पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में था। परिवार के लोगों का कहना है कि उसकी पत्नी कई साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद वह बेहद परेशान रहने लगा था। बताया जा रहा है कि वह अपनी वैवाहिक जिंदगी बिगड़ने के लिए माता-पिता को जिम्मेदार मानता था। इसी वजह से घर में अक्सर तनाव का माहौल बना रहता था। परिजनों के अनुसार, घर लौटने के बाद वह अधिकतर समय उसी मंदिर में बिताता था जिसे उसके पिता ने बनवाया था। पुलिस का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद और मानसिक दबाव ने इस घटना को जन्म दिया हो सकता है, हालांकि अभी सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपी बेटे को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही औरास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से आरोपी बेटे सोनेलाल को हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पत्नी के अलग हो जाने और पारिवारिक विवाद का जिक्र किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके। साथ ही, घटना से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
घटना से गांव में शोक
प्रमोद BJP के अनुसूचित जाति मोर्चा में सक्रिय पदाधिकारी थे और स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी थी। उनकी इस तरह हुई मौत से गांव के लोगों के साथ-साथ राजनीतिक कार्यकर्ताओं में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने नहीं सोचा था कि एक पारिवारिक विवाद इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के पीछे के हर संभावित कारण को खंगाला जा रहा है। यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि पारिवारिक तनाव और मानसिक परेशानियों को समय रहते समझना और उनका समाधान करना कितना जरूरी है।
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