ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तेहरान में आयोजित इस अंतिम विदाई समारोह में देश के राष्ट्रपति, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, शीर्ष धार्मिक नेता और खामेनेई परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। लेकिन जिस शख्स की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह हैं मौजूदा सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई, जो पूरे समारोह में सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए। जैसे ही अंतिम संस्कार की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनके समारोह से गायब रहने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, सुरक्षा कारणों को उनकी गैरमौजूदगी की सबसे बड़ी वजह बताया जा रहा है।
अंतिम नमाज में परिवार और शीर्ष नेतृत्व रहा मौजूद
तेहरान में शनिवार को आयोजित अंतिम नमाज में अली खामेनेई के बेटों मसूद, मेयसाम और मुस्तफा ने हिस्सा लिया। उनके साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी एजेई और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी और अहमद वहीदी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार वरिष्ठ धार्मिक नेता आयतुल्ला जाफर सोभानी ने अली खामेनेई और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों की अंतिम नमाज अदा कराई। पूरे समारोह के दौरान हजारों लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहे और राजधानी तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
मोज्तबा खामेनेई क्यों नहीं आए सामने? सुरक्षा बनी सबसे बड़ी वजह
अंतिम संस्कार में मोज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी रही। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में बढ़े क्षेत्रीय तनाव और इजरायल की ओर से संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की सलाह दी थी। इसी कारण वह अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। हालांकि, उनकी ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में ईरान अपने शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। इसलिए यह फैसला केवल सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, न कि किसी राजनीतिक विवाद का संकेत। यही वजह है कि उनकी गैरमौजूदगी के बावजूद पूरे सरकारी तंत्र ने अंतिम संस्कार की सभी रस्मों को पूरे सम्मान के साथ संपन्न कराया।
ईरान में बढ़ा तनाव, होर्मुज स्ट्रेट तक दिखा असर
अंतिम संस्कार के बीच क्षेत्रीय हालात भी लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी विंडवर्ड के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले चार जहाजों ने सुरक्षा कारणों से अपना निर्धारित मार्ग बदल दिया। इनमें दो जहाज वापस लौट गए, जबकि दो अन्य ने ओमान के दक्षिणी समुद्री मार्ग की बजाय ईरान के करीब वाले रास्ते को चुना। दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनके और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबंध अच्छे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू जानते हैं कि नेतृत्व किसके हाथ में है। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व पहले से ही संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, ईरान के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा, अंतिम संस्कार में मोज्तबा खामेनेई की गैरमौजूदगी और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का रास्ता बदलना इस बात के संकेत हैं कि आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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