भारत ने भी दी श्रद्धांजलि
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन तेहरान पहुंचे और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने भारत सरकार और देशवासियों की ओर से दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की। भारत ने इस अवसर को दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया। इसके अलावा कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और विभिन्न धर्मों के भारतीय प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
Tribute by Senior Representatives of the Government of India to the Martyred Leader of the Islamic Republic of Iran. pic.twitter.com/i6xMYpbU1V
— Iran in India (@Iran_in_India) July 3, 2026
तेहरान से मशहद तक चलेगा अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम
ईरानी प्रशासन के मुताबिक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम छह दिनों तक चलेगा। तेहरान में श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर को इराक के नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि तेहरान और कोम में सबसे ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और कार्यक्रमों के दौरान विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
उत्तराधिकारी पर भी टिकी दुनिया की नजर
यह अंतिम संस्कार ऐसे समय हो रहा है जब ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच हालिया संघर्ष के बाद संघर्षविराम लागू है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब ईरान के भविष्य और नए नेतृत्व पर भी बनी हुई है। खास तौर पर खामेनेई के संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। हालांकि उन्होंने अभी तक कोई बड़ा सार्वजनिक बयान या कार्यक्रम नहीं किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में ईरान के नेतृत्व से जुड़े अहम फैसले सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे देश में शोक का माहौल है और लाखों लोग अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई देने के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
