अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से लगातार पूछताछ की जा रही है, वहीं पुलिस अब उसके पैतृक गांव तक पहुंच गई है। प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र स्थित बाबूपुर नारियवा गांव में पुलिस टीम ने उसके घर पहुंचकर करीब एक घंटे तक जांच की। इस दौरान पुलिस ने अविनाश के माता-पिता से उसके बारे में कई सवाल पूछे और उसके पुराने रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि आरोपी का पहले किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध रहा है या नहीं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।
वायरल वीडियो और परिवार से जुड़े पहलुओं की भी हो रही जांच
जांच के दौरान पुलिस ने अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला के एक वायरल वीडियो को भी जांच के दायरे में लिया है। इस वीडियो में वह नोटों के बंडल के साथ दिखाई दे रहा है। पुलिस ने परिवार से पूछा कि यह वीडियो कब बनाया गया था और इसका मकसद क्या था। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस वीडियो का संबंध चढ़ावा मामले से तो नहीं है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने YAKSH APP के जरिए आरोपी के पते और अन्य जानकारियों का सत्यापन भी किया। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और हर जानकारी की अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है।
अदालत से मिली पुलिस रिमांड
पुलिस ने अदालत को बताया कि जेल में पूछताछ के दौरान आरोपी से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनकी पुष्टि करना अभी बाकी है। इसी आधार पर पुलिस ने अविनाश शुक्ला की रिमांड मांगी थी। अदालत ने पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी। जांच टीम का कहना है कि आरोपी के गांव से उसकी बाइक बरामद की जानी है और कुछ अन्य सबूत भी जुटाने हैं। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से मामले में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई हैं ताकि मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने लाई जा सके।
योग केंद्र से राम मंदिर तक कैसे पहुंचा आरोपी?
जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश शुक्ला कुछ समय तक अयोध्या के एक योग केंद्र से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि उसके बड़े भाई अभिषेक शुक्ला के माध्यम से उसका इस केंद्र से संपर्क हुआ था। योग केंद्र से जुड़े लोगों के अनुसार, अभिषेक कई साल पहले यहां आया था और बाद में उसे नौकरी मिल गई। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई अविनाश को भी अयोध्या बुलाया। करीब डेढ़ साल पहले अविनाश को राम मंदिर परिसर में काम करने का अवसर मिला। अब उसी पर मंदिर के चढ़ावे से जुड़े धन के कथित दुरुपयोग और गबन के आरोप लगे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले पर सभी की नजर बनी हुई है क्योंकि जांच में लगातार नए पहलू सामने आ रहे हैं।
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