Homeदेशमशीन पकड़ेगी सिया का झूठ! केतन अग्रवाल को किसने दिया था आखिरी...

मशीन पकड़ेगी सिया का झूठ! केतन अग्रवाल को किसने दिया था आखिरी धक्का? अब अदालत करेगी फैसला

केतन अग्रवाल हत्याकांड में आया नया मोड़। पुणे पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए कोर्ट में अर्जी दी। जानिए क्या खुलेगा खाई में धकेलने का राज?

-

महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक ऐसा मोड़ आ गया है, जिसने पूरी तफ्तीश की दिशा बदल दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल के बयानों में उलझी पुणे पुलिस ने अब सच उगलवाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए सिया गोयल का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की आधिकारिक अनुमति मांगी है। दरअसल, यह पूरा मामला एक अंधेरे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ पुलिस के पास दावों और आरोपों के अलावा कोई ठोस सिरा हाथ नहीं लग रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि इस टेस्ट के जरिए उस धुंधली तस्वीर को साफ किया जा सकेगा, जो अब तक जांच अधिकारियों को गुमराह कर रही है।

आखिर उस रात खाई के पास क्या हुआ था?

इस पूरे हत्याकांड की सबसे बड़ी गुत्थी यह है कि केतन अग्रवाल को उस गहरी खाई में आखिर किसने धक्का दिया? वरिष्ठ पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक की लंबी और सघन जांच के बावजूद पुलिस को ऐसा कोई चश्मदीद गवाह (आई-विटनेस) नहीं मिला है, जो घटना के वक्त वहाँ मौजूद हो। इसके अलावा मौके से कोई ऐसा पुख्ता या प्रत्यक्ष सबूत भी हाथ नहीं लगा है, जो सीधे तौर पर गुनाह की कड़ियों को जोड़ सके। इसी वजह से पुलिस अब वैज्ञानिक तरीकों का सहारा ले रही है। जांच टीम का मानना है कि जब तक इस राज से पर्दा नहीं उठता कि केतन की मौत हादसा थी या सोची-समझी साजिश, तब तक केस को अंतिम अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सकता।

सिया और चेतन के बयानों की होगी ‘अग्निपरीक्षा’

मामले की गहराई को देखते हुए जांच एजेंसियों ने माननीय अदालत को सूचित किया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके सह-आरोपी चेतन चौधरी से पहले ही कई दौर की पूछताछ की जा चुकी है और उनके बयान भी दर्ज हैं। लेकिन पुलिस को अंदेशा है कि बयानों के पीछे कुछ ऐसा है जिसे जानबूझकर छिपाया जा रहा है। पुलिस का साफ कहना है कि घटनाक्रम की पूरी और सच्ची तस्वीर तभी सामने आ सकती है, जब आरोपियों के बयानों की सत्यता को परखा जाए। पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए पुलिस यह भांपने की कोशिश करेगी कि सिया और चेतन ने पूछताछ में जो कुछ भी कहा, उसमें कितना सच है और कितना फंसाने या बचने का ताना-बाना।

अदालत में अहमियत कम, पर जांच के लिए मील का पत्थर

कानूनी विशेषज्ञों और सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस पॉलीग्राफ टेस्ट को एक अतिरिक्त और बेहद जरूरी उपकरण के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि, भारतीय कानून के तहत पॉलीग्राफ या लाई डिटेक्टर टेस्ट की रिपोर्ट को अदालत में सीधे तौर पर ‘प्रत्यक्ष साक्ष्य’ (डायरेक्ट एविडेंस) के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है। इसके बावजूद, इस टेस्ट का महत्व कम नहीं होता; क्योंकि इसके जरिए मिलने वाले सुराग जांच एजेंसियों को नए सबूतों तक पहुंचने की राह दिखाते हैं। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि इस टेस्ट की मदद से उन्हें कुछ ऐसे नए इनपुट्स मिलेंगे, जिससे केस की उलझी हुई कड़ियां सुलझेंगी और केतन अग्रवाल को न्याय मिल सकेगा।

Read more-बांकीपुर में किसे मिलेगा बीजेपी का टिकट? उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, अब शुरू होगी असली सियासी जंग

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts