पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लोगों का विरोध प्रदर्शन लगातार 24वें दिन भी जारी रहा। रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस आंदोलन की अगुवाई अवामी एक्शन कमेटी कर रही है। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को सुनने के बजाय उन्हें डराने और दबाने की कोशिश कर रही है। उनका आरोप है कि आंदोलन से जुड़े कई लोगों को आतंकी घोषित कर दिया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
अवामी एक्शन कमेटी ने सरकार और सेना पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले कश्मीरियों के हाथों में हथियार देने का काम खुद पाकिस्तान की सेना ने किया था, लेकिन अब वही सरकार प्रदर्शन करने वालों को आतंकी बता रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले रावलकोट में हथियारों के साथ रैलियां निकाली गई थीं, लेकिन उस समय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
प्रदर्शनकारियों ने दी बड़ी चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पाकिस्तान सरकार से कहा कि उनकी मांगों पर जल्द बातचीत की जाए। उनका कहना है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है। नेताओं ने दावा किया कि अगर PoK के अलग-अलग इलाकों से हजारों लोग एक साथ मुजफ्फराबाद पहुंचे तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।
अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर
लगातार कई दिनों से चल रहे इस आंदोलन ने पाकिस्तान सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेगी या सख्ती का रास्ता अपनाएगी। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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