बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। यह सीट उस समय खाली हुई थी जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा के लिए चुने गए और उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। अब चुनाव आयोग ने इस सीट पर मतदान की तारीख घोषित कर दी है। अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी और इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई तय की गई है, जबकि 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 16 जुलाई तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त तक समाप्त कर ली जाएगी।
बीजेपी के सामने सबसे बड़ा सवाल, कौन होगा उम्मीदवार?
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है। ऐसे में इस उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि पार्टी नितिन नवीन की जगह किस चेहरे पर भरोसा जताएगी। फिलहाल बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन पार्टी के भीतर संभावित दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दूसरी ओर विपक्ष भी इस सीट पर मजबूत चुनौती देने की तैयारी में जुट गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजधानी पटना की इस प्रतिष्ठित सीट का परिणाम आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल का संकेत भी दे सकता है। इसलिए सभी प्रमुख दल इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।
विपक्ष ने भी बढ़ाई तैयारी
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही विपक्षी दलों ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) ने महिला विकास मंच से जुड़ी वीणा मानवी को मैदान में उतारने का फैसला किया है। हाल ही में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और अब उन्हें बांकीपुर से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं जन सुराज भी इस चुनाव को गंभीरता से ले रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। हालांकि अभी तक जन सुराज की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की सूची पर टिकी हुई हैं।
तारीखों के ऐलान के साथ तेज होगी चुनावी सरगर्मी
चुनाव आयोग की घोषणा के बाद अब सभी राजनीतिक दल बूथ स्तर तक अपनी तैयारियां शुरू करेंगे। प्रत्याशियों के चयन, प्रचार अभियान और चुनावी रणनीति को लेकर बैठकों का दौर तेज होने की संभावना है। बांकीपुर शहरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीट है, इसलिए यहां स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य और राष्ट्रीय राजनीति की भी झलक देखने को मिलेगी। मतदान से पहले जनता के बीच विकास, रोजगार, बुनियादी सुविधाएं और स्थानीय समस्याएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकती हैं। अब सबसे बड़ा इंतजार इस बात का है कि बीजेपी किसे अपना उम्मीदवार घोषित करती है और क्या विपक्ष इस सीट पर कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर पाएगा।
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