प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने रिश्तों को नई मजबूती देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास, दोस्ती और लोगों के बीच बने मजबूत जुड़ाव पर आधारित हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं और यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत भारत के 1.4 अरब लोगों की शुभकामनाओं के साथ की और कहा कि सेशेल्स भारत के हिंद महासागर विजन का अहम हिस्सा है।
250 साल पुराने रिश्तों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सेशेल्स की दोस्ती केवल पिछले 50 वर्षों की नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें करीब ढाई सौ साल पुरानी हैं। उन्होंने बताया कि अगस्त 1770 में थेलेमेक नाम के जहाज से पांच भारतीय सेशेल्स पहुंचे थे और वहीं से दोनों देशों के बीच लोगों का जुड़ाव शुरू हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ भारतीय समुदाय ने सेशेल्स के विकास में अहम भूमिका निभाई और दोनों देशों के रिश्ते सरकारों से पहले लोगों ने बनाए। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों को अलग नहीं करता, बल्कि एक-दूसरे से जोड़ता है। यही वजह है कि भारत और सेशेल्स हमेशा पुराने मित्रों की तरह साथ खड़े रहे हैं।
हिंद महासागर को बताया साझी ताकत का आधार
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सेशेल्स को केवल एक छोटे द्वीपीय देश के रूप में नहीं देखता, बल्कि उसे एक बड़े समुद्री साझेदार के रूप में मानता है। उन्होंने कहा कि सेशेल्स का विशाल समुद्री क्षेत्र उसे ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बनाता है। पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और आर्थिक विकास दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। उन्होंने याद दिलाया कि सेशेल्स की आजादी के समय भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस नीलगिरी वहां मौजूद था और आज 50वीं वर्षगांठ के मौके पर आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षक भी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि समय बदला है, लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग पहले की तरह मजबूत बना हुआ है।
आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स भविष्य में व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, सतत विकास और नई तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस साल फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों ने SESEL (Sustainability, Economic Growth and Security through Enhanced Linkages) संयुक्त विजन अपनाया था, जो आने वाले वर्षों में साझेदारी का रोडमैप बनेगा। पीएम ने कहा कि दोनों देशों ने उद्योगों के लिए नए अवसर तलाशने और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को भविष्य के लिए और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और सेशेल्स आने वाले समय में हिंद महासागर क्षेत्र में विकास, शांति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
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