पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मामले में गिरफ्तार युवती सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं, जिनकी पुलिस अलग-अलग सबूतों से पुष्टि करने में जुटी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने बताया कि वह अपने निजी रिश्ते की सच्चाई परिवार के सामने नहीं रखना चाहती थी। इसी वजह से उसने ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरे मामले को हत्या तक पहुंचा दिया। फिलहाल पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना की पूरी योजना कैसे बनाई गई थी।
दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, फिर लगातार बढ़ता गया संपर्क
जांच में सामने आया है कि सिया और चेतन की मुलाकात पिछले साल एक साझा परिचित की दिवाली पार्टी में हुई थी। इसके बाद दोनों की बातचीत बढ़ती गई और दोनों लगातार संपर्क में रहने लगे। पुलिस को मिले कॉल रिकॉर्ड के अनुसार, इस साल जनवरी से दोनों के बीच दो हजार से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई। बातचीत का कुल समय करीब 238 घंटे बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इन रिकॉर्ड के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों के बीच क्या बातचीत होती थी और क्या इन्हीं बातचीत के दौरान किसी साजिश की योजना तैयार की गई थी। इसी सिलसिले में सिया के परिवार के सदस्यों से भी कई दौर की पूछताछ की जा रही है।
डिलीट किए गए मैसेज से खुल सकते हैं कई राज
पुलिस को शक है कि घटना के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से कई जरूरी चैट और अन्य डिजिटल जानकारी हटाने की कोशिश की। इसी वजह से दोनों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। विशेषज्ञ अब डिलीट किए गए डेटा को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि अगर मोबाइल से हटाई गई जानकारी मिल जाती है तो जांच को मजबूत सबूत मिल सकते हैं। इसके साथ ही यह भी साफ हो सकेगा कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या हत्या की तैयारी पहले से की गई थी। जांच टीम डिजिटल साक्ष्यों को इस केस का अहम हिस्सा मान रही है।
कई टीमें कर रही हैं जांच, हर पहलू पर पुलिस की नजर
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस और लोनावला पुलिस की कई टीमें अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। परिवार, दोस्तों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं, राज्य सरकार ने भी इस केस की गंभीरता को देखते हुए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की है, ताकि अदालत में मजबूत पैरवी की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और हर तथ्य की पुष्टि सबूतों के आधार पर की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और पूछताछ से मिली जानकारियां इस मामले के कई अनसुलझे सवालों के जवाब दे सकती हैं।
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