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कतर गैस प्लांट में विस्फोट से 12 भारतीयों की गई जान, भारतीय दूतावास नें हादसे को लेकर क्या किया खुलासा?

कतर के रास लाफान गैस प्लांट में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 भारतीय शामिल हैं। जानें हादसे की पूरी जानकारी, भारतीय दूतावास का बयान और राहत कार्य।

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कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर में स्थित एक गैस प्लांट में हुए जोरदार धमाके ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दुर्घटना में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। धमाके के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमों ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन तब तक कई लोगों की जान जा चुकी थी। यह घटना रविवार शाम उस समय हुई जब प्लांट में सामान्य कार्य चल रहा था।

भारतीय दूतावास ने की मौतों की पुष्टि

दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि कतर के अधिकारियों ने 12 भारतीयों की मौत की जानकारी दी है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि वह लगातार कतर प्रशासन के संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही शवों को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है। भारतीय मिशन ने घायलों के बेहतर इलाज और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है।

 तकनीकी खराबी या बड़ी लापरवाही? जांच जारी

कतर के गृह मंत्रालय के अनुसार यह धमाका रास लाफान के बरजान गैस आपूर्ति संयंत्र में तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। इस हादसे में 66 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना से किसी प्रकार का गैस रिसाव नहीं हुआ और न ही आसपास के क्षेत्रों को कोई खतरा पहुंचा है। हालांकि, हादसे के असली कारणों की गहन जांच अभी जारी है, जिससे पूरी घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

 भारत सरकार की प्रतिक्रिया और राहत प्रयास

इस घटना पर भारत सरकार ने भी गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट कर मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया और कहा कि भारतीय दूतावास कतर अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। वहीं, दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर घायलों के इलाज और मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इस हादसे ने प्रवासी भारतीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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