भोजपुर के बिलौटी गांव में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी को लेकर मामला लगातार गरमाता जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चा दोनों बढ़ गए हैं। परिवार का कहना है कि उनके बेटे की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई सवाल हैं जिनकी जांच ठीक से होनी चाहिए। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस कार्रवाई पर भी लोगों का ध्यान खींचा है।
मां का फैसला: न्याय मिलने तक नहीं होगा श्राद्ध कर्म
मृतक भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने भावुक होकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि जब तक उनके बेटे के कथित दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक वह उसका 12वीं श्राद्ध कर्म नहीं करेंगी। उनका कहना है कि चाहे कितनी भी धार्मिक रस्में शुरू हो जाएं, लेकिन अंतिम श्राद्ध तभी होगा जब न्याय मिलेगा। मां का यह बयान पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उनके दर्द को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
मोबाइल को लेकर बड़ा आरोप
परिवार ने दावा किया है कि घटना के बाद मृतक भरत भूषण तिवारी का मोबाइल फोन पुलिस के पास है, जिसमें मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत हो सकते हैं। आशा देवी ने मांग की है कि यह मोबाइल तुरंत परिवार को लौटाया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि जांच में पारदर्शिता जरूरी है, वरना सच दबाया जा सकता है। परिवार ने इस मामले में गंभीर जांच की मांग दोहराई है।
प्रशासन और पुलिस पर सवाल
परिवार का आरोप है कि इस पूरे मामले में पुलिस और कुछ अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि नेताओं और अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मां आशा देवी ने कहा कि वे सिर्फ न्याय चाहती हैं और जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं है।
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