G7 Summit में इस बार वैश्विक राजनीति का केंद्र भारत और अमेरिका के बीच हुई अहम मुलाकात बन गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद हुई यह मुलाकात न सिर्फ औपचारिक रही, बल्कि इसे दोनों देशों के रिश्तों के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी देखने को मिली, जिससे कूटनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब वैश्विक स्तर पर कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है।
व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
बैठक के दौरान भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर हुई प्रगति पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता के लिए आपसी सहयोग बेहद जरूरी है।
Narendra Modi और Donald Trump के बीच हुई इस बातचीत में रक्षा, तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों ने आने वाले महीनों में व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी लाने पर सहमति जताई है।
समुद्री घटना और कूटनीतिक तनाव का मुद्दा
इस मुलाकात के बीच एक संवेदनशील मुद्दा भी चर्चा में रहा, जिसमें ओमान तट के पास एक विवादित समुद्री कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत का मामला बताया जा रहा है। इस घटना को लेकर भारत में नाराजगी का माहौल है।
भारत की ओर से इस मुद्दे को G7 मंच पर उठाने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। वहीं अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उनके सैन्य बलों की कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक आदेशों के तहत की गई थी।
इस विवाद ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संतुलन को और अधिक जटिल बना दिया है।
वैश्विक तनाव और G7 की राजनीतिक पृष्ठभूमि
G7 शिखर सम्मेलन इस बार केवल आर्थिक एजेंडे तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक राजनीतिक तनावों का केंद्र भी बना हुआ है। मध्य-पूर्व में हाल के घटनाक्रम, ईरान के साथ शांति समझौते और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते मतभेदों ने इस सम्मेलन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
विशेष रूप से यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर असहमति खुलकर सामने आ रही है, जिससे G7 की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भूमिका भी इस बार अहम मानी जा रही है क्योंकि वह इस समिट के होस्ट हैं। ऐसे माहौल में मोदी-ट्रंप मुलाकात को वैश्विक कूटनीति के नए संतुलन की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
