बिहार के कटिहार जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पति-पत्नी के रिश्ते में भरोसे की अहमियत को फिर से चर्चा में ला दिया है। यहां एक युवक ने अपनी पत्नी पर अवैध संबंध होने का शक करते हुए ऐसा कदम उठा लिया, जिसके बाद मामला सीधे पुलिस तक पहुंच गया। आरोप है कि पति ने पत्नी की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए, जिससे महिला को मानसिक और सामाजिक रूप से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना सामने आने के बाद इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई। पीड़िता ने जब पुलिस से न्याय की गुहार लगाई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ और जांच शुरू की गई।
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला ने थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि उसके पति ने उसकी निजी सामग्री इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक कर दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान दयानंद कुमार उर्फ दयानंद वर्मा के रूप में हुई। बताया गया कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ मनिहार क्षेत्र में रहता था और दोनों की शादी वर्ष 2023 में हुई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था और अपने ठिकाने बदल रहा था। हालांकि तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल जांच में मिले कई अहम सबूत
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी जांच की। जांच के दौरान मोबाइल से कई संवेदनशील फोटो और वीडियो बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले को और मजबूत किया जा रहा है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे अपनी पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का संदेह था। इसी शक के चलते उसने गुस्से में आकर निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और इस तरह की हरकत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
साइबर अपराध को लेकर पुलिस ने दी चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी की निजी तस्वीरें, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी उसकी अनुमति के बिना साझा करना कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। साइबर विशेषज्ञों का भी मानना है कि डिजिटल माध्यमों का गलत इस्तेमाल कई बार पीड़ित के जीवन पर गंभीर असर डाल सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। वहीं पीड़िता को कानूनी सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
