उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई। रोडवेज बस धारचूला से टनकपुर जा रही थी। बस में 34 यात्री सवार थे। रास्ते में पहाड़ी ढलान पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर ने कई कोशिशें की, लेकिन बस रुक नहीं पाई। जैसे-जैसे बस नीचे की ओर बढ़ी, यात्रियों में डर बढ़ने लगा। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि अब क्या होगा। सड़क पहाड़ी होने की वजह से हालात और भी खतरनाक हो गए थे।
कंट्रोल की कोशिश और बढ़ता खतरा
ड्राइवर ने बस को रोकने के लिए गियर बदलने और अन्य तरीकों से कोशिश की, लेकिन बस तेजी से आगे बढ़ती रही। सामने सीधी सड़क नहीं थी और एक तरफ गहरी खाई थी। अगर बस आगे निकल जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ड्राइवर को समझ आ गया कि अब स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। यात्रियों की जान खतरे में थी और समय बहुत कम था।
आखिरी फैसला और बड़ा हादसा टल गया
जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो ड्राइवर ने बस को पहाड़ी की तरफ मोड़ दिया ताकि बस खाई में न गिरे। बस जोर से पहाड़ी से टकराई और वहीं रुक गई। इस टक्कर में ड्राइवर बस से बाहर गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन उनकी इस बहादुरी की वजह से बस में बैठे 34 यात्रियों की जान बच गई। सिर्फ एक यात्री को हल्की चोट आई।
हादसे के बाद का माहौल
हादसे के बाद स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना से इलाके में दुख का माहौल है। लोग ड्राइवर को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी जान देकर दूसरों को बचा लिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ब्रेक फेल कैसे हुआ।
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