मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जनता दर्शन’ में सोमवार को एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया। दरअसल, प्रदेश भर से आए फरियादियों के बीच हापुड़ से अपने परिजनों के साथ पहुंची कक्षा 7 की एक मासूम बच्ची ने जब अपनी पारिवारिक और आर्थिक तंगी की दास्तान बयां की, तो मुख्यमंत्री का संवेदनशील रूप सामने आ गया। बच्ची ने रोते हुए अपनी आगे की पढ़ाई में आने वाली रुकावटों का जिक्र किया। इस पर सीएम योगी ने बेहद दुलार से उसके सिर पर हाथ रखा और कहा, “बेटा! तुम घर जाओ और सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो, बाकी सब कुछ हम पर छोड़ दो।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत इस परिवार की मदद करने और बच्ची की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने के निर्देश दिए।
लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज, तय होगी जवाबदेही
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के तेवर जनता की समस्याओं को लेकर बेहद सख्त नजर आए। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों को लेकर सीएम ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी शिकायतें आ रही हैं, उनका तय समयसीमा (डेडलाइन) के भीतर निस्तारण होना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वाजिब कारण के बिना आम जनता के काम में देरी हुई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।
छह महीने से अटकी फाइलों की होगी समीक्षा
जमीन और राजस्व के मामलों पर बात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक नया आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि जो भी राजस्व विवाद पिछले छह महीने से अधिक समय से लंबित हैं, उनकी बारीकी से समीक्षा की जाए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले और हर पीड़ित को न्याय मिले। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना है। प्रशासन का यह परम दायित्व है कि वह हर पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान लेकर आए और उनके इलाज से लेकर हर जरूरत का ख्याल रखे।
शिक्षित बच्चा ही है सशक्त भारत की असली नींव
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए कई अन्य बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे हंसकर उनकी शिक्षा के बारे में पूछा। बच्चों के अभिभावकों से संवाद करते हुए सीएम योगी ने अपील की कि वे अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक पढ़ा-लिखा और जागरूक बच्चा ही आने वाले समय में सशक्त भारत की मजबूत नींव बनेगा। हापुड़ की बच्ची के परिजनों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन के अधिकारी जल्द ही आपसे संपर्क करेंगे, इसलिए आर्थिक तंगी की चिंता छोड़कर बच्चों के भविष्य को संवारने में जुट जाएं।
Read more-असद के बाद गाजियाबाद में UP पुलिस ने किया एक और एनकाउंटर, दुष्कर्म का आरोपी मुठभेड़ में घायल
