बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने सरकारी बंगला खाली करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्हें 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का अंतिम नोटिस दिया गया था। पटना पहुंचने पर जब पत्रकारों ने उनसे इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा, “फोर्स बुलाकर खाली कर दे।” उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि राबड़ी देवी फिलहाल यह बंगला छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं।
सरकार ने क्यों भेजा नोटिस?
बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को नया सरकारी आवास 39 हार्डिंग रोड पर आवंटित किया था। इसके लिए उन्हें कई महीने पहले पत्र भी भेजा गया था। लेकिन नया आवास मिलने के बाद भी उन्होंने पुराना बंगला खाली नहीं किया। इसके बाद विभाग ने 10 सर्कुलर रोड का आवास राज्य सरकार के मंत्री को आवंटित कर दिया और राबड़ी देवी को अंतिम नोटिस जारी किया। सरकार का कहना है कि नए आवास के आवंटन के बाद पुराने आवास को खाली करना जरूरी है।
20 साल से इसी बंगले में रह रहा है लालू परिवार
यह बंगला लालू परिवार के लिए काफी खास माना जाता है। करीब 20 साल से राबड़ी देवी और उनका परिवार इसी सरकारी आवास में रह रहा है। बिहार की राजनीति से जुड़ी कई बड़ी बैठकों और फैसलों का गवाह यह बंगला रहा है। यही वजह है कि इस घर से परिवार का भावनात्मक जुड़ाव भी बताया जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही जगह रहने के कारण यह मामला केवल आवास का नहीं, बल्कि राजनीतिक महत्व का भी बन गया है।
आगे क्या होगा?
राबड़ी देवी के बयान के बाद अब सभी की नजर बिहार सरकार की अगली कार्रवाई पर है। यदि आवास खाली नहीं किया जाता है तो सरकार प्रशासनिक कदम उठा सकती है। वहीं राजद इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे सकती है। फिलहाल यह मामला बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में सरकार और राबड़ी देवी के बीच यह विवाद और बढ़ सकता है।
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