एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला कुश्ती टीम के चयन को लेकर शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हलचल तेज रही। देश की चर्चित महिला पहलवान Vinesh Phogat सुबह ट्रायल्स में हिस्सा लेने पहुंचीं, जहां उनके मुकाबलों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हाल ही में इस ट्रायल को लेकर कानूनी विवाद भी सामने आया था, जिसके बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा था कि खेल प्रशासन से जुड़े मामलों में बार-बार न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत पड़ना चिंता का विषय है। अदालत से राहत मिलने के बाद अब विनेश के सामने मैदान में खुद को साबित करने की चुनौती है।
53 किलोग्राम वर्ग में किस्मत आजमा रहीं विनेश
दिलचस्प बात यह है कि विनेश फोगाट इस बार 53 किलोग्राम भार वर्ग में ट्रायल दे रही हैं। इससे पहले वह लंबे समय तक 50 किलोग्राम वर्ग में खेलती रही हैं और इसी वर्ग में उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया था। पेरिस ओलंपिक 2024 में भी उन्होंने 50 किलोग्राम वर्ग में ही चुनौती पेश की थी। ऐसे में वजन वर्ग में बदलाव के बाद उनका प्रदर्शन कैसा रहेगा, इस पर खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों की नजर बनी हुई है। ट्रायल्स में हिस्सा लेने वाली अन्य महिला पहलवान भी एशियन गेम्स में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है।
स्टेडियम बना सुरक्षा छावनी, हर गतिविधि पर नजर
ट्रायल्स के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर में महिला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए हैं। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय कुश्ती से जुड़े विवादों और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों की गतिविधियों पर भी करीबी नजर रखी जा रही है।
एशियन गेम्स के सपने पर टिकी निगाहें
इन ट्रायल्स का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां से चुने जाने वाले खिलाड़ी अगले साल होने वाले एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। विनेश फोगाट जैसी अनुभवी खिलाड़ी के लिए यह सिर्फ चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपने करियर के अगले बड़े अध्याय की शुरुआत भी मानी जा रही है। अदालत से मिली राहत के बाद अब उनके पास खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर है। यदि वह ट्रायल्स में शानदार प्रदर्शन करती हैं तो एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत कर सकती हैं। वहीं, उनके प्रदर्शन से यह भी तय होगा कि लंबे विवादों और चुनौतियों के बाद वह फिर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर कितनी मजबूती से वापसी कर पाती हैं।
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