पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में 9 मई 2026 की तारीख एक अमिट लकीर की तरह खिंच गई है। यह वह दिन है जब बंगाल की सत्ता की चाबी दशकों बाद पूरी तरह बदल गई। जिस धरती पर कभी वामपंथियों का झंडा लहराता था और फिर टीएमसी का दबदबा रहा, वहां अब भगवा रंग पूरी तरह से छा चुका है। पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल की सत्ता पर अपनी ऐतिहासिक पकड़ बनाई है। कोलकाता के विशाल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शुभेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भव्य उत्सव बन गया। लेकिन इस पूरे आयोजन में सबसे ज्यादा सुर्खियां उस खास पल ने बटोरीं, जब पीएम मोदी मंच पर पहुंचे और उन्होंने जनता के प्रति अपना आभार एक बेहद ही भावुक अंदाज में व्यक्त किया।
जब जनता के सामने ‘भक्त’ बन गए प्रधानमंत्री
शपथ ग्रहण के मंच पर जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी का आगमन हुआ, वहां मौजूद लाखों की भीड़ ‘जय श्रीराम’ और शंखनाद से गूँज उठी। जनता का यह जोश देखकर पीएम मोदी भावुक हो गए और उन्होंने मंच पर खड़े होकर बंगाल की जनता को बिल्कुल वैसे ही झुककर प्रणाम किया, जैसे कोई श्रद्धालु मंदिर की दहलीज पर माथा टेकता है। प्रधानमंत्री का जनता के सामने नतमस्तक होना यह दर्शाता है कि वे इस जीत को केवल एक चुनावी कामयाबी नहीं, बल्कि बंगाल की जनता का आशीर्वाद मान रहे हैं। यह नजारा इतना प्रभावशाली था कि मंच पर बैठे अन्य नवनिर्वाचित मंत्री और दिग्गज नेता अपनी सीटों से खड़े हो गए और काफी देर तक तालियां बजाते रहे।
2014 की वो तस्वीर और सेंगोल का सम्मान आया याद
पीएम मोदी का यह अंदाज नया नहीं है, लेकिन हर बार यह उनके समर्पण की गहराई को बयां करता है। साल 2014 में जब वे पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ जीतकर देश की संसद पहुंचे थे, तब उन्होंने संसद की सीढ़ियों को चूमकर सबको भावुक कर दिया था। इसके बाद नई संसद के उद्घाटन के दौरान ‘सेंगोल’ के सामने उनका नतमस्तक होना भी उनकी सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक आस्था का प्रतीक बना था। आज ठीक वैसा ही दृश्य बंगाल की मिट्टी पर भी नजर आया। ब्रिगेड ग्राउंड की ऐतिहासिक जमीन पर पीएम मोदी का इस तरह नमन करना यह साफ संदेश देता है कि उनके मन में बंगाल के जनादेश के लिए कितना गहरा सम्मान है।
शुभेंदु के साथ नए युग की शुरुआत और मोदी की मुस्कान
मंच पर जब शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तब प्रधानमंत्री के चेहरे पर एक अलग ही सुकून और मुस्कान तैर रही थी। बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार का गठन होना पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, और मोदी जानते हैं कि इस जीत के पीछे बंगाल के कार्यकर्ताओं और जनता का कड़ा संघर्ष है। शपथ ग्रहण के बाद पीएम ने जिस तरह से जनता का अभिवादन स्वीकार किया, उसने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। अब देखना यह होगा कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगाल की यह नई सरकार विकास के किन नए पैमानों को छूती है, लेकिन फिलहाल तो 9 मई की यह ऐतिहासिक तस्वीर हर किसी के जेहन में बस गई है।
