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कट्टरपंथी सोच रखता था मीरा रोड चाकूबाजी का आरोपी, घर के बाहर लिखा- “बिस्मिल्लाह कहो, सलाम करो, तभी अंदर…”

मीरा रोड चाकूबाजी केस में आरोपी के घर के बाहर लगा स्टिकर और बरामद नोट ने जांच को नया मोड़ दिया। जानिए कैसे एक पढ़ा-लिखा युवक कट्टर सोच की ओर बढ़ा।

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Stabbing Case: मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुए नयानगर चाकूबाजी मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस केस में अब आरोपी जुबैर अंसारी के घर के बाहर लगा एक स्टिकर चर्चा का केंद्र बन गया है। इस स्टिकर पर कुरान की एक आयत लिखी हुई थी “कुल हू अल्लाह हू अहद”, जिसका अर्थ है “कह दो, अल्लाह एक है”। पहली नजर में यह एक सामान्य धार्मिक संदेश लग सकता है, लेकिन जांच एजेंसियों के अनुसार यह सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं था। स्टिकर के साथ एक निर्देश भी लिखा था कि घर में प्रवेश करने से पहले “बिस्मिल्लाह कहो, सलाम करो, फिर अंदर आओ।” इसने अधिकारियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आरोपी की मानसिकता सामान्य धार्मिक आचरण से कहीं आगे जा चुकी थी।

कट्टरपंथी सोच के संकेत मिले

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के संदेश केवल धार्मिक पालन तक सीमित नहीं थे, बल्कि यह आरोपी की कठोर और कट्टर सोच को दर्शाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबैर अंसारी पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन माध्यमों के जरिए आतंकी संगठन ISIS से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था। वह डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर रहा था, लेकिन उसे किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने खुद ही एक “लोन वुल्फ” हमले की योजना बनाई। अधिकारियों का कहना है कि उसका उद्देश्य इस हमले के जरिए संगठन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना था। यह तथ्य इस केस को और गंभीर बना देता है।

घर से मिला खतरनाक नोट और विचारधारा

जांच के दौरान आरोपी के घर से एक हाथ से लिखा नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने ISIS के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी। इस नोट में संगठन का झंडा भी बनाया गया था और कई भड़काऊ बातें लिखी गई थीं। इसमें गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी और “लोन वुल्फ” हमलों का जिक्र भी था। इसके अलावा “गाजा”, “खिलाफत” और “जिहाद” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसने अन्य युवाओं को भी इस रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की थी। उसने खुद को “घुरबा” यानी समाज से अलग-थलग बताया, जो उसकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है।

पढ़ा-लिखा होने के बावजूद भटका युवक

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जुबैर अंसारी कोई अनपढ़ व्यक्ति नहीं था। वह साइंस ग्रेजुएट है और कई साल तक अमेरिका में रह चुका है, जहां उसका परिवार अब भी रहता है। भारत लौटने के बाद वह मीरा रोड में अकेले रह रहा था और ऑनलाइन केमिस्ट्री की क्लासेस लेता था। हालांकि, लंबे समय तक नौकरी न मिलने और अकेलेपन ने उसके विचारों को प्रभावित किया। जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर एक पढ़ा-लिखा युवक किस तरह इस रास्ते पर चला गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू को गंभीरता से खंगाल रही हैं।

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