बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर बयान दिया। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी अच्छा काम करेंगे और उनका कामकाज ठीक ढंग से आगे बढ़ेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे आशीर्वाद मान रहे हैं, तो कुछ इसे भविष्य को लेकर एक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
कार्यकाल को लेकर दिया गया जवाब
जब पत्रकारों ने उनसे सीधे पूछा कि क्या सम्राट चौधरी अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे, तो रामभद्राचार्य ने साफ कहा कि “हां, वे पूरा करेंगे।” इस जवाब ने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह नीतीश कुमार के समय में राज्य का प्रशासन चलता रहा, उसी तरह आगे भी शासन व्यवस्था सामान्य रूप से चलती रहेगी। उनके इस बयान को लोग अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
बिहार और धार्मिक जुड़ाव पर बात
इस बातचीत के दौरान रामभद्राचार्य ने बिहार से अपने जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार माता सीता की जन्मभूमि है और इस भूमि का धार्मिक महत्व बहुत बड़ा है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि वे अवध क्षेत्र से आते हैं और सीता जी को वे अपनी “बड़ी बहू” की तरह मानते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बाल सीता मंदिर का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है, जो धार्मिक दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि होगी।
सम्राट चौधरी की सक्रियता और राजनीतिक माहौल
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार राज्य के कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सीतामढ़ी महोत्सव-2026 में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने इस मौके को अपने लिए खास बताया और माता सीता के आशीर्वाद को अपनी जिम्मेदारी से जोड़ा। इससे पहले उनकी रामभद्राचार्य से मुलाकात भी चर्चा में रही थी। कुल मिलाकर, इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है, जिसमें लोग इसे धार्मिक आस्था और राजनीति के मेल के रूप में देख रहे हैं।
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