पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी अभियान के बीच पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को मतुआ ठाकुर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर में माहौल काफी आध्यात्मिक और भावनात्मक नजर आया। पीएम मोदी ने मतुआ समुदाय के आराध्य श्री श्री हरिचंद ठाकुर और श्री श्री गुरुचंद ठाकुर को नमन करते हुए उनके आदर्शों को याद किया। प्रधानमंत्री का यह दौरा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसे चुनावी गतिविधियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंदिर दर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं, जिससे यह दौरा और अधिक चर्चा में आ गया।
पुरानी यादें और ‘बोरो मां’ का जिक्र
पीएम नरेंद्र मोदी ने मतुआ मंदिर यात्रा के दौरान अपनी पिछली यात्रा को भी याद किया, जिससे यह दौरा भावनात्मक रूप से और भी गहरा हो गया। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें वे ‘बोरो मां’ के साथ नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी ने लिखा कि कुछ साल पहले जब वे इस मंदिर आए थे, तब उन्हें ‘बोरो मां’ का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ था, जिसे वे आज भी याद करते हैं। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने मतुआ समुदाय के साथ अपने लंबे जुड़ाव को भी दर्शाया। प्रधानमंत्री की यह भावनात्मक टिप्पणी स्थानीय समुदाय के बीच चर्चा का विषय बन गई है और इसे उनके और मतुआ समाज के बीच संबंधों की गहराई के रूप में देखा जा रहा है।
Prayed at the Matua Thakur Temple earlier today. The ideals of Sri Sri Harichand Thakur Ji and Sri Sri Guruchand Thakur Ji continue to illuminate our society. pic.twitter.com/spKlzwDhZC
— Narendra Modi (@narendramodi) April 26, 2026
नागरिकता पर बड़ा बयान
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के बनगांव में आयोजित ‘विजय संकल्प सभा’ को संबोधित किया, जहां उन्होंने मतुआ, नामशूद्र और अन्य शरणार्थी परिवारों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को नागरिकता, स्थायी पता और सभी अधिकार दिए जाएंगे, जो एक भारतीय नागरिक को मिलने चाहिए। अपने भाषण में पीएम मोदी ने घुसपैठियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया और कहा कि अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों को देश छोड़ना होगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है और इसे आगामी चुनावों के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अनुसार सभी अवैध प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरु
अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले जो ‘मां-माटी-मानुष’ का नारा दिया गया था, वह अब केवल शब्द बनकर रह गया है और जमीन पर उसकी सच्चाई नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, घुसपैठ और पलायन जैसी समस्याएं बढ़ी हैं, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है। पीएम मोदी के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति और भी गरमा गई है। चुनावी अंतिम चरण में पहुंचते-पहुंचते राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। मतुआ मंदिर का यह दौरा और उसके बाद दिए गए बयान अब पूरे बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में चर्चा का बड़ा विषय बन गए हैं।
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