पटना के दो सबसे चर्चित और दिग्गज शिक्षकों—खान सर (खान ग्लोबल स्टडीज) और रौशन आनंद (ज्ञान बिंदु)—के बीच चल रहा विवाद इस समय पूरे देश में सुर्खियों में है। छात्र से लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तक, हर कोई इस बात को लेकर हैरान है कि आखिर इन दोनों मशहूर गुरुओं के बीच बात इतनी आगे कैसे बढ़ गई। इस बड़े विवाद की गूंज अब बिहार के सियासी गलियारों तक भी पहुंच चुकी है। इसी गरमा-गरमी के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा बड़ा कदम और बयान दिया है, जिसने राज्य के कोचिंग माफियाओं और प्राइवेट संस्थानों की धड़कनें तेज कर दी हैं। सोमवार को गयाजी के दौरे पर पहुंचे सीएम ने सीधे तौर पर प्राइवेट कोचिंग सेंटर्स के भविष्य को लेकर एक दूरगामी और चौंकाने वाली बात कह दी है।
जब सरकारी स्कूल में पढ़ेगा नेता और डॉक्टर का बेटा, तभी बदलेगी बिहार की सूरत
गयाजी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव करने का अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने कोचिंग विवाद का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसी मजबूत व्यवस्था खड़ी करना है, जिससे आने वाले दिनों में छात्रों को प्राइवेट कोचिंग का रुख ही न करना पड़े और राज्य के सारे कोचिंग सेंटर अपने आप बंद हो जाएं। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि बिहार के सभी प्रखंडों में विश्वस्तरीय ‘मॉडल स्कूल’ तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने भावुक और कड़े शब्दों में कहा कि उनका सपना तब तक पूरा नहीं होगा, जब तक इन सरकारी मॉडल स्कूलों में किसी गरीब के बच्चे के साथ सूबे के बड़े नेताओं और नामचीन डॉक्टरों के बच्चे भी बैठकर पढ़ाई नहीं करेंगे। इसके अलावा, उच्च शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए राज्य के 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज भी खोले जा रहे हैं।
गयाजी को मिली ₹170 करोड़ की सौगात, बिजली और विकास के नए आंकड़ों से गदगद हुए सीएम
शिक्षा व्यवस्था पर बात करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने गयाजी के विकास के लिए 170 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले आधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर (प्रौद्योगिकी केंद्र) का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की जमकर तारीफ की और बताया कि कैसे पिछले कुछ सालों में बिहार ने विकास की नई इबारत लिखी है। बिजली क्रांति का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि साल 2005 तक बिहार में महज 17 लाख परिवारों के पास बिजली का कनेक्शन था, जो आज बढ़कर 2 करोड़ 22 लाख परिवारों तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही उन्होंने हर घर नल का जल योजना, सड़कों के जाल और जीविका दीदियों के माध्यम से महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के ऐतिहासिक कामों को भी जनता के सामने रखा।
अपराधियों का गयाजी में होगा पिंडदान, ‘थ्री-सी’ फॉर्मूले पर काम करेगी सरकार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था के मोर्चे पर अपराधियों को बेहद सख्त लहजे में अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार ‘क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म’ (अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता) से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं करने वाली है। पुलिस को खुली छूट देते हुए उन्होंने कहा, “जो भी अपराधी कानून या पुलिस को चुनौती देगा, उसे 48 घंटे के भीतर करारा जवाब दिया जाएगा। बचे-खुचे अपराधियों का या तो गयाजी में पिंडदान होगा या वे जेल की सलाखों के पीछे सड़ेंगे।” धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए उन्होंने खुद को भगवान श्रीराम का वंशज (लव-कुश) बताया और माता सीता के श्राप से फल्गू नदी को मुक्त कराने का संकल्प लिया। साथ ही, युवाओं के लिए खिजरसराय में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण के लिए 40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की बड़ी घोषणा भी की।
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