अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने भारत समेत कुछ देशों को “हेलहोल” यानी “नरक” जैसा शब्द इस्तेमाल करके बताया था। जैसे ही यह बात सामने आई, भारत में इस पर काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों और नेताओं ने इसे गलत और अपमानजनक बताया। भारत सरकार ने भी इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह बयान सही नहीं है और इससे दोनों देशों के रिश्तों की सही तस्वीर नहीं दिखती।
भारत सरकार ने जताई आपत्ति
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बयान पर साफ कहा कि इस तरह की बातें सही नहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी देश के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बयान बिना पूरी जानकारी के दिया गया लगता है। भारत ने यह भी साफ किया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत हैं और ऐसे बयानों से इन रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सफाई में ट्रंप ने बदला रुख
विवाद बढ़ने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से सफाई दी गई। अमेरिकी दूतावास के जरिए कहा गया कि ट्रंप ने भारत को एक “महान देश” बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अच्छे रिश्ते हैं। इस सफाई के बाद लोगों में और ज्यादा चर्चा शुरू हो गई कि आखिर ट्रंप का असली मतलब क्या था।
बयान की वजह और भारत में प्रतिक्रिया
यह पूरा मामला एक अमेरिकी टॉक शो के दौरान की गई बातचीत से जुड़ा है, जिसे ट्रंप ने खुद शेयर किया था। उस चर्चा में अमेरिका की नागरिकता नीति पर बात हो रही थी। इसी दौरान भारत और चीन का नाम लेकर विवादित शब्द का इस्तेमाल किया गया। इस मुद्दे पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई है। कांग्रेस समेत कई नेताओं ने इसे गलत बताया और प्रधानमंत्री से इस पर अमेरिका से बात करने की मांग की है।
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