जर्मनी के मोअर्स शहर के डुइसबर्ग इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के अंदर उस समय हड़कंप मच गया जब दो समूहों के बीच अचानक झगड़ा बढ़ गया। शुरुआत में मामला बातचीत का था, लेकिन कुछ ही देर में यह झगड़ा हिंसक रूप ले गया। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई और लोगों के बीच अफरा-तफरी फैल गई। इस दौरान चाकू और कृपाण जैसे हथियारों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। इस घटना में करीब 11 लोग घायल हो गए हैं।
बोर्ड चुनाव और पैसे का विवाद बना वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा विवाद गुरुद्वारे की नई प्रबंधन समिति के चुनाव को लेकर हो सकता है। बताया जा रहा है कि दो गुटों के बीच लंबे समय से फंड और संचालन को लेकर तनाव चल रहा था। इसी विवाद ने अचानक बड़ा रूप ले लिया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। कुछ लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच अधिकार और नियंत्रण को लेकर पहले से ही खींचतान चल रही थी, जो इस हिंसा में बदल गई।
पेपर स्प्रे और फायरिंग की भी बात सामने आई
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने दावा किया है कि पेपर स्प्रे का इस्तेमाल भी किया गया और एक पिस्तौल से फायरिंग जैसी आवाजें सुनाई दीं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी असली हथियार की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मौके से खाली कारतूस मिले हैं। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि ब्लैंक फायरिंग पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। अचानक हुए इस हमले से कई लोग डरकर बाहर भाग गए और पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
11 घायल, पुलिस ने शुरू की सख्त जांच
इस घटना में कुल 11 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर इमरजेंसी टीम और पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब जांच की जा रही है कि झगड़ा सबसे पहले किसने शुरू किया और इसके पीछे असली वजह क्या थी। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई न होती तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।
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