होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना के बाद भारत ने सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की खबर सामने आते ही भारतीय नौसेना हरकत में आ गई और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। इस संवेदनशील समुद्री मार्ग पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय जहाजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में नौसेना ने एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें जहाजों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना अनुमति के आगे न बढ़ें। यह कदम इस बात का संकेत है कि हालात सामान्य नहीं हैं और किसी भी जोखिम से बचने के लिए सख्त प्रोटोकॉल अपनाया जा रहा है।
भारतीय नौसेना की नई एडवाइजरी
भारतीय नौसेना की ओर से जारी एडवाइजरी में खास तौर पर लारक द्वीप के आसपास के क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी गई है। यह इलाका होर्मुज जलडमरूमध्य का सबसे संकरा और संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहती है। नौसेना ने जहाजों से कहा है कि वे केवल उसके निर्देश मिलने के बाद ही इस क्षेत्र को पार करें। सूत्रों के मुताबिक, अभी तक कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर चुके हैं, लेकिन हालिया घटना के बाद अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। यह भी बताया गया है कि कुछ जहाजों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
समुद्र में बढ़ी तैनाती
बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी के पास अपने सात युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। इन जहाजों का काम भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षा देना और उन्हें सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है। वर्तमान में कई भारतीय जहाज इस मार्ग को पार करने का इंतजार कर रहे हैं और नौसेना उनके साथ लगातार संपर्क में है। जैसे ही स्थिति सुरक्षित होगी, उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, एक टैंकर को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया गया है, जिसे समुद्र में अतिरिक्त सुरक्षा भी दी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई से साफ है कि भारत अपने व्यापारिक और सामरिक हितों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर असर डाल सकता है। हाल के घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में समुद्री सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। भारत की ओर से उठाए गए कदम यह दिखाते हैं कि वह अपने जहाजों और व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्षेत्र में तनाव कम होता है या और बढ़ता है।
