बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ ने सियासी माहौल को गरमा दिया। गांधी मैदान में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान मंच से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने साफ कहा कि राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सम्मेलन में एनडीए के सहयोगी दलों की महिलाएं भी शामिल रहीं, जिससे यह कार्यक्रम राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया।
महिला आरक्षण और केंद्र सरकार की नीति पर जोर
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें मजबूत बनाना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि अगर परिसीमन के बाद चुनाव होते, तो विधानसभा में महिलाओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ कुछ लोगों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि देशभर की महिलाओं को समान अवसर देना है। उनके इस बयान को महिलाओं के बीच समर्थन जुटाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
विपक्ष पर निशाना, परिवारवाद का आरोप
सभा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, लालू यादव और अखिलेश यादव का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये नेता परिवारवाद की राजनीति करते हैं। उनका कहना था कि विपक्ष केवल अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने की सोचता है, जबकि एनडीए का लक्ष्य आम महिलाओं को राजनीति में जगह देना है। यह बयान सीधे तौर पर विपक्ष को घेरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए माहौल बनाया जा सके।
सख्त चेतावनी और राजनीतिक संदेश
अपने भाषण के अंत में सम्राट चौधरी ने सख्त लहजे में कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “आपका भाई यहां खड़ा है, कोई गलती करेगा तो उसे पाताल से भी निकालकर सामने लाया जाएगा।” इस बयान को उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सख्ती के संकेत के रूप में पेश किया। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा। फिलहाल यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे आने वाले चुनावी माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है।
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