मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पिपरई थाना क्षेत्र की रहने वाली तीन नाबालिग लड़कियां, जो कभी अपनी मासूमियत और सपनो में खोई रहती थीं, आज एक सुनियोजित साजिश का शिकार हो चुकी हैं। इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब ये लड़कियां भोपाल से पिपरई की ओर ट्रेन में सफर कर रही थीं। ट्रेन में मौजूद एक सहयात्री ने गौर किया कि लड़कियां साधारण कपड़ों में थीं, लेकिन जैसे ही उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आता, वे तुरंत बुर्का पहन लेती थीं। यह अजीब व्यवहार देखकर यात्री को शक हुआ और उसने उनसे पूछताछ की। जैसे ही यह बात सामने आई, मामला बजरंग दल के कार्यकर्ताओं तक पहुँचा और सीसीटीवी फुटेज की मदद से लड़कियों के ठिकानों का पता लगाया गया। जब परिजन उनके पास पहुँचे, तो सच्चाई जानकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
दोस्ती की आड़ में ‘धर्म परिवर्तन’ का खूनी खेल
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपी अल्तामश खान, आहत शेख और अरहान अली—ये तीनों आपस में गहरे दोस्त हैं और इन्होंने एक ही पैटर्न पर वार किया। मुख्य पीड़िता, जो केवल 17 साल की है, उसे अल्तामश खान बहला-फुसलाकर भोपाल ले गया। वहां उसने न केवल नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म किया, बल्कि उसका धर्म परिवर्तन करवाकर जबरन निकाह भी कर लिया। हद तो तब हो गई जब इस साजिश में अल्तामश के दो अन्य दोस्त भी शामिल हो गए। उन्होंने पीड़िता की दो अन्य सहेलियों (जिनकी उम्र महज 15-15 साल है) को अपना शिकार बनाया। इन बच्चियों का ब्रेनवॉश किया गया, उन्हें डराया-धमकाया गया और फिर धर्म बदलने पर मजबूर कर दिया गया। आरोपियों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत इन मासूमों की जिंदगी बर्बाद कर दी।
मामा के घर गई थी बेटी, बुर्का पहनकर लौटी घर
पीड़िता की मां ने जो आपबीती सुनाई, वह किसी भी माता-पिता का दिल दहला देने वाली है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अपने मामा के घर गई थी। 14 अप्रैल को जब वह वापस आई, तो उसका पहनावा और व्यवहार पूरी तरह बदल चुका था। वह बुर्का पहनकर घर लौटी थी। जब मां ने कड़ाई से पूछताछ की, तो बच्ची फूट-फूट कर रोने लगी और उसने बताया कि कैसे 4 महीने पहले भोपाल के अल्तामश खान ने उसके साथ दरिंदगी की और उसका धर्म बदल दिया। इतना ही नहीं, उसने अपनी सहेलियों के साथ हुई आपबीती भी साझा की। लड़कियों ने बताया कि उन्हें मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया था कि वे चाहकर भी किसी को कुछ नहीं बता पा रही थीं। यह महज एक अपराध नहीं, बल्कि मासूमों के विश्वास की हत्या है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मामला दर्ज होते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। अशोकनगर के एसडीओपी (SDOP) विवेक शर्मा ने पुष्टि की है कि पिपरई थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में पाक्सो एक्ट (POCSO Act), बलात्कार (Rape), एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (Anti-Conversion Law) के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और भोपाल सहित उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अपराध की तरह लग रहा है, जिसमें आरोपियों ने नाबालिगों की उम्र और उनकी मासूमियत का फायदा उठाया। आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का आश्वासन दिया गया है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
