बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई। बताया जा रहा है कि यह धमकी मोबाइल कॉल के जरिए दी गई थी, जिसमें आरोपी ने सीधे मुख्यमंत्री को निशाना बनाया। इस तरह की धमकी को गंभीर खतरे के रूप में लेते हुए तुरंत पुलिस हरकत में आई और मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता दी गई और शुरुआती स्तर पर ही तकनीकी टीमों को लगाया गया, ताकि कॉल की लोकेशन और आरोपी की पहचान जल्द से जल्द की जा सके।
सर्विलांस और तकनीक से मिला बड़ा सुराग
पुलिस की जांच में सबसे अहम भूमिका सर्विलांस टीम ने निभाई। मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस को पता चला कि सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी बिहार में नहीं बल्कि गुजरात के सानंद इलाके में मौजूद है। इसके बाद बिहार पुलिस ने तुरंत गुजरात पुलिस से संपर्क साधा और एक संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच लगातार समन्वय बना रहा, जिसके चलते आरोपी तक पहुंचना आसान हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और सही समय पर उसे पकड़ने की रणनीति तैयार की।
सानंद से गिरफ्तारी, पूछताछ में किया कबूल
आखिरकार पुलिस ने गुजरात के सानंद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान शेखर यादव के रूप में हुई, जो मूल रूप से बिहार के बांका जिले का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने मुख्यमंत्री को धमकी देने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद स्थानीय कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे बिहार पुलिस को सौंप दिया गया। फिलहाल आरोपी को पटना लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया और क्या इसके पीछे कोई और वजह या दबाव था।
गुजरात में करता था नौकरी
जांच में सामने आया है कि शेखर यादव करीब 32 साल का है और गुजरात में एक निजी कंपनी में काम करता था। वह मूल रूप से बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के खेरौधा गांव का निवासी है। उसके परिवार और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं, ताकि यह समझा जा सके कि उसने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धमकी देने जैसा गंभीर कदम क्यों उठाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति या साजिश शामिल तो नहीं है।
