उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए ‘मियांपुर’ गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अब यह इलाका नए नाम और नई पहचान के साथ जाना जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और मुख्यमंत्री के इस फैसले का जोरदार स्वागत किया गया। यह फैसला राज्य में चल रहे नाम बदलने के सिलसिले का एक और उदाहरण माना जा रहा है, जिसे सरकार ‘पहचान और इतिहास को सही दिशा देने’ के रूप में पेश कर रही है।
‘पहचान छुपाने के लिए रखा गया था नाम’—CM योगी
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘मियांपुर’ नाम लोगों की असली पहचान को छुपाने के उद्देश्य से रखा गया था। उन्होंने दावा किया कि जिस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, वहां ऐसा नाम होना उचित नहीं था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यहां रहने वाले लोग विभाजन के बाद भारत आए और अब उन्हें उनके अधिकारों के साथ नई पहचान दी जा रही है। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य ऐसे सभी लोगों को सम्मान और अधिकार दिलाना है, जो लंबे समय से अपनी पहचान को लेकर संघर्ष कर रहे थे।
रविंद्रनाथ टैगोर के नाम पर नई पहचान
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए बताया कि गांव का नया नाम ‘रविंद्र नगर’ महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रविंद्रनाथ टैगोर के सम्मान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि टैगोर ने देश को राष्ट्रगान दिया और उनकी विरासत पूरे भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। सीएम योगी ने बंगाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी जिक्र किया और कहा कि इस नाम से यहां के लोगों को नई प्रेरणा मिलेगी। इस घोषणा के साथ ही मंच पर मौजूद लोगों ने उत्साह दिखाया और ‘योगी-योगी’ के नारे लगाए।
लाभार्थियों को मिले अधिकार पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई लाभार्थियों को भौमिक अधिकार पत्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार विकास, सुरक्षा और पहचान के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तर पर चर्चा को तेज कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का स्थानीय स्तर पर क्या असर पड़ता है।
