पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचाने वाले कथित 2000 करोड़ के स्टिंग मामले पर आखिरकार अमित शाह ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस विवाद पर अपनी बात रखते हुए साफ कहा कि हुमायूं कबीर और भारतीय जनता पार्टी का कोई मेल नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दोनों “नॉर्थ पोल और साउथ पोल” जैसे हैं। शाह ने यह भी जोड़ा कि भाजपा अपने सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय लंबे समय तक विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
ममता सरकार पर तीखा हमला
कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल में सिंडिकेट, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार का बोलबाला है, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। शाह के मुताबिक, वर्तमान सरकार में भेदभाव और डर का माहौल है, जिसे खत्म करना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आने पर “भरोसे का शासन” स्थापित करेगी और लोगों को सुरक्षित वातावरण देगी।
सीएम चेहरे और चुनावी वादों पर साफ संकेत
अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा में वंशवाद की कोई जगह नहीं है और पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री राज्य के भीतर से ही चुना जाएगा। उन्होंने “दीदी के बाद भतीजा” वाली राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा योग्य और काबिल नेतृत्व को आगे लाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बड़ा चुनावी वादा करते हुए कहा कि अगर भाजपा की सरकार बनती है, तो छह महीने के भीतर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा। इसके अलावा सीमाओं को सुरक्षित करने, घुसपैठ रोकने और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की भी बात कही गई।
महिलाओं, युवाओं और विकास के लिए बड़े ऐलान
शाह ने अपने संबोधन में महिलाओं और युवाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा भी की। उन्होंने 75 लाख महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने, मुफ्त बस यात्रा और गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया। साथ ही एक करोड़ रोजगार देने और बेरोजगार युवाओं को हर महीने आर्थिक मदद देने की योजना का जिक्र किया। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कोलकाता को वैश्विक स्तर का शहर बनाने, मेट्रो विस्तार और औद्योगिक विकास की बात कही गई। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब पश्चिम बंगाल को भी विकास की उसी राह पर लाया जाएगा।
