मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक बुजुर्ग किसान, जिसने पसीना बहाकर अपनी अरहर की फसल तैयार की थी, उसे क्या पता था कि वही खेत उसकी चिता बन जाएगा। बरौंधा थाना क्षेत्र के बकोट गांव में बुधवार को एक बुजुर्ग किसान की अपनी ही आंखों के सामने जलती फसल को बचाने की जद्दोजहद में मौत हो गई। आग इतनी विकराल थी कि जब तक गांव वाले मदद के लिए दौड़ते, तब तक सब कुछ राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। इस घटना ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे इलाके में मातम पसार दिया है।
अरहर के खेत में बिछ गई मौत की चादर
जानकारी के मुताबिक, बरदर निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान मुरलिया यादव अपने अरहर के खेत में खलिहान की सफाई कर रहे थे। फसल कटाई का समय था और किसान अपनी साल भर की मेहनत को सहेजने की तैयारी में जुटा था। इसी बीच, अज्ञात कारणों से खेत के एक कोने में आग भड़क उठी। तेज पछुआ हवाओं ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते लपटें पूरे खेत में फैल गईं। बुजुर्ग मुरलिया यादव ने शायद अपनी फसल को बचाने की कोशिश की होगी, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर वह आग की रफ्तार का मुकाबला नहीं कर सके। धुएं के गुबार और भीषण गर्मी के बीच वह घिर गए और खेत के बीच ही जिंदा जल गए।
राख के ढेर में मिला किसान का शरीर
खेत से धुआं उठता देख आसपास के किसान और ग्रामीण लाठी-डंडे और पानी लेकर मौके की ओर दौड़े। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। लोग चिल्ला रहे थे और आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि किसी की हिम्मत खेत के बीच जाने की नहीं हुई। काफी मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया, तो वहां का नजारा देख सबकी आंखें नम हो गईं। मुरलिया यादव का शरीर पूरी तरह झुलस चुका था और उनकी अरहर की तैयार फसल, जो कुछ देर पहले तक लहलहा रही थी, अब काली राख बन चुकी थी। परिवार के लिए यह दोहरी मार थी—एक तरफ मुखिया का साथ छूटा और दूसरी तरफ साल भर की कमाई स्वाहा हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही बरौंधा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। क्या यह किसी की लापरवाही थी, शॉर्ट सर्किट था या फिर किसी ने जानबूझकर शरारत की, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव वालों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि फायर ब्रिगेड की सुविधाएं वक्त पर नहीं मिल पातीं, जिससे ऐसे हादसों में नुकसान बढ़ जाता है।
