कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका-ईरान युद्ध पर बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति अब कमजोर दिखाई दे रही है और पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर संबंधों को मजबूत कर रहा है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि एक समय भारत विश्वगुरु बनने की ओर बढ़ रहा था, लेकिन मौजूदा सरकार के कदमों के कारण यह सपना अधूरा रह गया। उनका मानना है कि अगर भारत इस युद्ध को रोकने में सफल होता तो आज विश्व में उसकी भूमिका और प्रतिष्ठा और भी बढ़ती।
घरेलू मुद्दों का जिक्र
अखिलेश यादव ने विदेश नीति के साथ-साथ घरेलू मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने महंगाई, एलपीजी गैस की कमी, सिलेंडर में चोरी और खाद की बढ़ती कीमतों का उदाहरण देकर कहा कि आम जनता को भारी नुकसान हो रहा है। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों से लोगों की आर्थिक परेशानियाँ बढ़ रही हैं और जनता को न्याय नहीं मिल रहा।
अमेरिका-ईरान सीजफायर
अमेरिका-ईरान युद्ध के 40वें दिन सीजफायर की घोषणा हुई, जो दो हफ्तों के लिए लागू होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अपनी जीत बताया, जबकि ईरान इसे अपनी जीत के तौर पर पेश कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे अपनी शर्तों पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलेंगे, लेकिन यह सीजफायर हमेशा के लिए युद्ध समाप्त होने का संकेत नहीं है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान की भूमिका
विपक्ष लगातार बीजेपी सरकार पर हमलावर है और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है। अखिलेश यादव का कहना है कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका कमजोर करके विश्वगुरु बनने का मौका खो दिया। विपक्षी दल मानते हैं कि भारत को अपनी विदेश नीति को मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में ऐसे युद्ध और तनाव को प्रभावी ढंग से रोक सके।
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