सड़क पर चलते हुए, रेड लाइट पर रुकते हुए या मेट्रो स्टेशन के बाहर आपने अक्सर ऐसे मासूम चेहरों को देखा होगा, जिनकी हालत देखकर कलेजा मुंह को आ जाता है। फटे हुए कपड़े, आंखों में लाचारी और शरीर पर गहरे घाव—ये सब देखकर हम अपनी जेब से पैसे निकालकर उन्हें थमा देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस लाचारी पर आप तरस खा रहे हैं, वह किसी शातिर दिमाग की ‘कलाकारी’ भी हो सकती है? इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो आग की तरह फैल रहा है, जिसने भीख मांगने के इस संगठित रैकेट और लोगों की भावनाओं के साथ होने वाले भद्दे मजाक की पोल खोलकर रख दी है। इस वीडियो को देखने के बाद आप अगली बार किसी को पैसे देने से पहले सौ बार जरूर सोचेंगे।
मासूम की हालत देख थम गईं राहगीरों की सांसें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला फुटपाथ पर बैठी दिखाई दे रही है। उसकी गोद में करीब 7-8 साल का एक बच्चा लेटा हुआ है, जिसे देखकर कोई भी भावुक हो जाए। बच्चे के सिर पर सफेद पट्टी बंधी है और उसका आधा चेहरा बुरी तरह से जला हुआ और विकृत नजर आ रहा है। महिला आने-जाने वाले लोगों के सामने हाथ फैलाकर बच्चे के ‘इलाज’ के नाम पर पैसे मांग रही है। बच्चे की ऐसी दर्दनाक हालत देखकर लोग रुक रहे हैं और दया भाव में नोटों की बारिश कर रहे हैं। दृश्य इतना वास्तविक लग रहा था कि किसी को भी संदेह नहीं हुआ कि यह एक मासूम की बीमारी नहीं, बल्कि लोगों की जेब काटने का एक प्रोफेशनल तरीका है।
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शख्स ने हटाया ‘झूठा नकाब’
इसी बीच वहां से गुजर रहे एक सतर्क शख्स को महिला और बच्चे की स्थिति पर कुछ शक हुआ। वह शख्स उस महिला के पास गया और बच्चे को करीब से देखने लगा। जैसे ही उसने बच्चे के चेहरे को छूने की कोशिश की, महिला ने विरोध शुरू कर दिया। लेकिन उस शख्स ने बिना डरे बच्चे के चेहरे पर लगे उस ‘जले हुए हिस्से’ को खींचना शुरू किया। वहां मौजूद भीड़ तब सन्न रह गई जब बच्चे के चेहरे से वह काली-भूरी परत किसी प्लास्टिक या मास्क की तरह उतर आई। उस बनावटी जले हुए नकाब के नीचे से एक बेहद स्वस्थ, साफ-सुथरा और हंसता हुआ चेहरा बाहर निकला। वह बच्चा बिल्कुल ठीक था और उस पर लगा ‘जख्म’ सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए लगाया गया एक सिलिकॉन मेकअप या नकाब था।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
इस वीडियो को ‘drabadofficial’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। वीडियो के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कुछ लोग इस धोखाधड़ी को देखकर हैरान हैं, तो कुछ ने मजाकिया लहजे में लिखा कि “इन भिखारियों की मेकअप स्किल्स तो बॉलीवुड के एक्टर्स से भी बेहतर हैं।” हालांकि, एक बड़ा वर्ग इस बात को लेकर चिंतित है कि इन जैसे धोखेबाजों की वजह से उन जरूरतमंदों को भी मदद नहीं मिल पाती, जो वाकई में मुसीबत में होते हैं। वीडियो में वह शख्स उस महिला और बच्चे को फटकार लगाकर वहां से भगा देता है, लेकिन यह सवाल छोड़ जाता है कि आखिर हम कितनी बार ऐसी साजिशों का शिकार होते हैं।
भीख मांगने के पीछे का काला सच
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का मामला सामने आया हो। कई बड़े शहरों में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो बच्चों को नशे की दवा देकर सुला देते हैं या उन्हें कृत्रिम घाव बनाकर सड़क पर उतारते हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि अपराधी जानते हैं कि भारतीय समाज में लोग बच्चों और चोटिल व्यक्तियों के प्रति बहुत जल्दी भावुक हो जाते हैं, और इसी भावना का वे व्यापार करते हैं। यह वीडियो एक चेतावनी है कि दान देना अच्छी बात है, लेकिन आपकी मेहनत की कमाई किसी अपराधी के पास न जाए, इसका ध्यान रखना भी आपकी जिम्मेदारी है। अगली बार अगर कोई आपको ऐसी हालत में दिखे, तो पैसे देने के बजाय उसकी मदद के लिए पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
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