कनाडा में एक बार फिर गोलीबारी की घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। इस बार निशाना बना ब्रैम्पटन और मिसिसॉगा क्षेत्र में स्थित एक कार शोरूम, जहां अचानक फायरिंग की गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोग डर के माहौल में आ गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने शोरूम को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायर किए। इस पूरी घटना की जिम्मेदारी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए ली है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट — धमकी और जिम्मेदारी का दावा
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें “मन्ना ब्राम्पटन” नाम के व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में यह भी कहा गया कि यह कार्रवाई ऑटोविला कार सेल्स नामक शोरूम को निशाना बनाकर की गई है। पोस्ट में बेहद आक्रामक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया कि संबंधित व्यक्ति को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने बात नहीं मानी। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि शोरूम मालिक दुश्मनों को हथियार और चोरी की गाड़ियां उपलब्ध करा रहा था। इस पोस्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इसमें खुलेआम भविष्य में और हमले करने की धमकी भी दी गई है।
बढ़ता गैंग का खौफ
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की वायरल पोस्ट में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि यह हमला सिर्फ “ट्रेलर” है और अगली बार और बड़ा हमला किया जाएगा। यहां तक कि सीधे घर में घुसकर हत्या करने जैसी धमकी भी दी गई है। इस तरह की चेतावनी से साफ है कि गैंग अपना दबदबा दिखाने की कोशिश कर रहा है। कनाडा में पहले भी कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अलग-अलग जगहों पर फायरिंग की जिम्मेदारी इसी गैंग से जुड़े लोगों ने ली है। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी तक हर मामले में गैंग के सीधे कनेक्शन की पुष्टि नहीं कर पाई हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।
लगातार बढ़ रही वारदातें
हाल के महीनों में कनाडा के कई शहरों जैसे कैलगरी, मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन में गोलीबारी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इन घटनाओं में कभी कारोबारी, तो कभी ट्रांसपोर्ट और रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया है। कई मामलों में सोशल मीडिया के जरिए जिम्मेदारी लेने का ट्रेंड भी सामने आया है, जिससे जांच और जटिल हो जाती है। कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कुछ लोग लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश भी कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन घटनाओं के पीछे असली नेटवर्क कौन है। इस बीच आम लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और सरकार पर सुरक्षा बढ़ाने का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
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