भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित के एक बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। एक पाकिस्तानी चैनल पर बातचीत के दौरान बासित ने कहा कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है, तो उसे जवाब में भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई को निशाना बनाना चाहिए। इस बयान के सामने आते ही भारत में राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया जा रहा है।
बीजेपी का कड़ा पलटवार
बासित के बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अक्सर इस तरह की धमकियां देता रहता है, लेकिन उसे यह भी सोचना चाहिए कि खुद उसकी स्थिति कितनी कमजोर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जब खुद बचेंगे तभी तो किसी और पर हमला कर पाएंगे।” इस बयान के जरिए भारत ने साफ संकेत दिया है कि ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
‘बौखलाहट का संकेत’ बताया गया बयान
वहीं बीजेपी के दूसरे प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने इसे पाकिस्तान की बौखलाहट करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान यह दिखाते हैं कि पाकिस्तान आज भी पुराने घटनाक्रमों से उबर नहीं पाया है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि भारत के सख्त रुख और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई से पाकिस्तान दबाव में है। उन्होंने यह भी कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और भारत किसी भी तरह की चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है।
बयान के मायने और बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। भारत पहले ही आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेर चुका है। ऐसे में बासित का बयान दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी ला सकता है। हालांकि, भारत की ओर से यह साफ संदेश दिया गया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी क्षमता है।
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