महाराष्ट्र की पावन धरती, जहाँ भक्ति और शक्ति का संगम होता है, वहां से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरी मानवता और आस्था को शर्मसार कर दिया है। कोल्हापुर के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक ज्योतिबा मंदिर में आस्था के केंद्र पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भगवान के द्वार पर सेवा करने वाले पुजारियों ने ही श्रद्धालुओं पर कहर बरपा दिया। सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहे एक वीडियो ने प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। इस वीडियो में कोई सामान्य बहस नहीं, बल्कि साक्षात ‘हिंसा का तांडव’ नजर आ रहा है, जहाँ सफेद वस्त्रों में लिपटे 15 से 20 पुजारियों का समूह दो लाचार श्रद्धालुओं को जानवरों की तरह पीट रहा है।
नारियल से वार और लातों की बौछार
वायरल हो रहे इस डरावने वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि मंदिर परिसर के भीतर ही पुजारियों की एक बड़ी भीड़ ने दो युवकों को घेर रखा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन हाथों से पुजारियों को भक्तों को आशीर्वाद देना चाहिए था, उन्हीं हाथों में नारियल लेकर वे श्रद्धालुओं के सिर पर प्रहार कर रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि जब श्रद्धालु जान बचाने के लिए जमीन पर गिर जाते हैं, तब भी हमलावरों का दिल नहीं पसीजता। उन पर ताबड़तोड़ लात-घूसे बरसाए जाते हैं। यह दृश्य इतना वीभत्स है कि वहां मौजूद अन्य लोग भी डर के मारे मूकदर्शक बने रहे। पवित्र मंदिर की चौखट पर हुई इस बर्बरता ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब मंदिरों में जाने वाले आम नागरिक सुरक्षित हैं?
आखिर क्यों सुलग उठी हिंसा की आग?
ज्योतिबा मंदिर, जहाँ लाखों लोगों की अगाध श्रद्धा जुड़ी है, वहां हुई इस हिंसक झड़प के पीछे का कारण अभी भी रहस्य बना हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी बात को लेकर पुजारियों और इन दो श्रद्धालुओं के बीच बहस शुरू हुई थी, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद चाहे जो भी हो, लेकिन जिस तरह से भीड़ ने कानून को हाथ में लिया, उसे किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। स्थानीय पुलिस ने अब इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। वीडियो के एक-एक फ्रेम की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि उन पुजारियों की पहचान की जा सके जिन्होंने इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह कोई पुरानी रंजिश थी या मौके पर हुई किसी गलतफहमी का नतीजा।
भक्तों में गहरा आक्रोश
इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र और सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। श्रद्धालु इस बात से आहत हैं कि जिस स्थान पर वे शांति और सुकून की तलाश में जाते हैं, वहां उन्हें लहूलुहान किया गया। मंदिर प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि आरोपी पुजारियों के खिलाफ न केवल आपराधिक मामला दर्ज हो, बल्कि उन्हें मंदिर की सेवा से भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। इस घटना ने मंदिर के सुरक्षा इंतजामों की भी पोल खोल दी है। अब सबकी नजरें कोल्हापुर पुलिस पर टिकी हैं कि वे इन रसूखदार हमलावरों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है। क्या इन पीड़ितों को न्याय मिलेगा या फिर ये मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? यह आने वाला वक्त बताएगा।
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