Saturday, March 7, 2026
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दोस्ती के नाम पर रचा खौफनाक जाल! लड़कियों की निजी तस्वीरों से करता था ब्लैकमेल, आखिर कैसे FBI के शिकंजे में आया बांग्लादेशी डॉक्टर?

बांग्लादेश के एक आरोपी को मलेशिया से अमेरिका के अलास्का प्रत्यर्पित किया गया है। उस पर सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को फंसाकर उनकी निजी तस्वीरों से ब्लैकमेल करने का आरोप है। एफबीआई की जांच में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध का बड़ा मामला सामने आया है।

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दुनिया भर में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और हाल ही में सामने आया एक अंतरराष्ट्रीय मामला लोगों को हैरान कर रहा है। इस मामले में एक बांग्लादेशी नागरिक पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। शुरुआत में वह उनसे सामान्य बातचीत करता, दोस्ती बढ़ाता और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लेता था। इसके बाद वह उन्हें निजी तस्वीरें और वीडियो भेजने के लिए मनाने की कोशिश करता। जब पीड़ित उसकी बातों में आ जातीं, तब आरोपी उन तस्वीरों का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल करने लगता था। बताया जाता है कि वह धमकी देता था कि अगर लड़कियों ने उसकी बात नहीं मानी तो वह उनकी तस्वीरें इंटरनेट या उनके परिवार के लोगों तक पहुंचा देगा। इसी डर के कारण कई पीड़ित लंबे समय तक चुप रहीं और मानसिक दबाव झेलती रहीं।

मलेशिया में पढ़ाई कर रहा था आरोपी

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी बांग्लादेश का रहने वाला है और कुछ समय से मलेशिया में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। वहीं से वह इंटरनेट के जरिए दुनिया के अलग-अलग देशों की लड़कियों से संपर्क करता था। यह मामला तब सामने आया जब अमेरिकी जांच एजेंसियों को कुछ शिकायतें मिलीं और उन्होंने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान डिजिटल सबूत जुटाए गए और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई। बाद में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत मलेशिया की सुरक्षा एजेंसियों की मदद से उसे हिरासत में लिया गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को अमेरिका के अलास्का राज्य में प्रत्यर्पित किया गया। अब वहां की अदालत में उसके खिलाफ कई गंभीर आरोपों पर सुनवाई चल रही है।

सैकड़ों लड़कियों को बनाया निशाना

जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और अन्य ऑनलाइन ऐप का इस्तेमाल कर कई देशों की लड़कियों से संपर्क किया। कई मामलों में उसने खुद को किसी और पहचान के साथ पेश किया ताकि लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लें। जांच में यह भी सामने आया कि उसने बड़ी संख्या में नाबालिगों को निशाना बनाया और उनसे निजी तस्वीरें हासिल करने की कोशिश की। कुछ मामलों में उसने तस्वीरें इंटरनेट पर साझा करने की धमकी दी और पीड़ितों को मानसिक रूप से परेशान किया। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

एक शिकायत से खुला पूरा मामला

पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका के अलास्का में रहने वाली एक किशोरी ने पुलिस को शिकायत दी कि कोई व्यक्ति इंटरनेट पर उसे ब्लैकमेल कर रहा है। इस शिकायत के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। अधिकारियों का कहना है कि अगर अदालत में उसके खिलाफ लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो उसे लंबी जेल की सजा हो सकती है। साथ ही जांच एजेंसियां लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दे रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए, क्योंकि कई अपराधी इसी तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।

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