Kapil Dev को लेकर उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित एक कार्यक्रम में Yogi Adityanath ने पूर्व क्रिकेटर को सेवा क्षेत्र में अहम जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया। गौतमबुद्ध नगर स्थित ग्रेटर नोएडा में KDSG अस्पताल के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कपिल देव ने क्रिकेट के मैदान पर देश का नाम रोशन किया है और अब वे स्वास्थ्य एवं सेवा के क्षेत्र में भी समाज के लिए प्रेरणा बनेंगे। सीएम ने मंच से कहा कि “क्रिकेट में कपिल देव ने नाम कमाया, अब सेवा के क्षेत्र में नाम कमाएंगे।” इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां जब सामाजिक जिम्मेदारियां संभालती हैं तो उसका सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा ऐसा क्षेत्र है जो हर परिवार से जुड़ा है और इसमें समाज के प्रतिष्ठित लोगों की भागीदारी से जनजागरूकता और भरोसा दोनों बढ़ते हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य हर व्यक्ति की मूल आवश्यकता है और उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में इस दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड नहीं बन पाया है, तब भी उसे इलाज से वंचित नहीं रहने दिया जाता। ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री राहत कोष से लगभग 1300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी किए गए हैं। सीएम ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है—कोई भी जरूरतमंद इलाज के अभाव में परेशान न हो। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में लोगों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, आज प्रदेश में करोड़ों लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने इसे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत बताया।
मेडिकल कॉलेज और एम्स की बढ़ती संख्या
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य ढांचे में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में केवल 17 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। राज्य के 75 जिलों में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को लगभग पूरा कर लिया गया है। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिला है बल्कि स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध हुई है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर भी बदलावों की चर्चा की और बताया कि वर्ष 2014 तक देश में केवल छह एम्स कार्यरत थे, जबकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद देश में 23 एम्स संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित डॉक्टरों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार आया है। इससे मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हुई है और प्रदेश में ही उन्नत उपचार संभव हो रहा है।
भरोसा, व्यवहार और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में डॉक्टर और मरीज के रिश्ते पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज डॉक्टर के पास आता है तो वह भरोसे के साथ आता है। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार मरीज की आधी बीमारी को दूर कर देता है। इसके बाद दवा भी काम करती है और दुआ भी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन रहा है, जहां 5 करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। पात्रता सूची में शामिल व्यक्ति पांच लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा का लाभ किसी भी सरकारी या सूचीबद्ध अस्पताल में ले सकता है। इसके अलावा बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, शिक्षामित्र, अनुदेशक और बेसिक शिक्षा परिषद के रसोइयों को भी पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अस्पताल बनाना नहीं, बल्कि हर वर्ग तक इलाज की सुविधा पहुंचाना है। कपिल देव जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की भागीदारी से सेवा कार्यों को नई ऊर्जा मिलेगी और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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