ईरान के गेरास इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में घबराहट फैल गई। झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे, लेकिन अचानक जमीन हिलने से लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक 4.3 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी का होता है, जिससे आमतौर पर हल्के झटके महसूस होते हैं, लेकिन कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है।
जंग का चौथा दिन, हालात ‘आर या पार’ की ओर
भूकंप ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी सैन्य टकराव चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। हालात थमने के बजाय और गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि यह संघर्ष चार से पांच हफ्तों तक चल सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर टकराव लंबा खिंचता है तो इसका असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ेगा।
हमलों में IRGC के पांच सैनिकों की मौत
ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, बुशहर प्रांत के जाम और डिर शहरों पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पांच सैनिक मारे गए हैं। इन हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं संघर्ष को और तेज कर सकती हैं। नागरिक इलाकों में भी एहतियात बरता जा रहा है, क्योंकि किसी भी बड़े हमले का खतरा बना हुआ है।
तेल बाजार में उछाल, ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर पार
जंग का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में आज 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। एक दिन पहले इसमें करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। यानी दो दिनों में तेल की कीमतें 13 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह चिंता का विषय बन सकता है।
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